Sambhajinagar: 8 दिन की भूख हड़ताल खत्म, मंत्री अतुल सावे के हस्तक्षेप से सरपंच मंगेश साबले माने
Sambhajinagar: सिल्लोड़ तहसील में बारिश के कारण होने वाले नुकसान के बदले में सरकारी मुआवजे को लेकर सरपंच मंगेश साबले ने भूख हड़ताल का फैसला लिया था। जिसे अतुल सावे ने खत्म करवाया।
- Written By: अपूर्वा नायक
अतुल सावे (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar: मंत्री अतुल सावे के प्रयासों को सफलता मिली है और उन्होंने फुलंब्री तहसील के गेवराई पायगा के सरपंच मंगेश साबले की भूख हड़ताल समाप्त करा दी।
साबले पिछले 8 दिनों से सिल्लोड़ तहसील कार्यालय में सितंबर माह में हुई भारी बारिश से हुए नुकसान के लिए 50,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। मंत्री अतुल सावे ने सोमवार को मंगेश साबले के भूख हड़ताल स्थल का दौरा किया और सबसे पहले उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
प्रति एकड़ 1 लाख की मांग
उनके लिए 1 लाख रुपए प्रति एकड़ की सहायता घोषित की जाए, विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सरपंच मंगेश साबले ने बाढ़ में बह गए जानवरों के लिए 50,000 रुपए की सहायता देने की मांग की है, इस अवसर पर सुहास शिरसाठ, सुरेश बनकर, सुनील मुल्तानी, ज्ञानेश्वर मोटे, विजय काकड़े पाटिल, मनोज मोरुत्लु सुनील मिरकर, इदरीस मुत्तानी, ज्ञानेश्वर कोरहे, कमानेश कटारिया और नारायण बड़क उपस्थित है।
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किसानों के लिए हर संभव प्रयास करेगी राज्य सरकार
साबले से संबंधित किसानों की मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर जानकारी देते हुए सावे ने कहा कि राज्य सरकार इन मांगों के प्रति सकारात्मक है और इनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगी। सावे ने राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उचित हस्तक्षेप करके उनकी भूख हड़ताल का समाधान करने में सफलता प्राप्त की है। अतुल सावे ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार से संपर्क करके उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा। बादल फटने के कारण सूखे की घोषणा की जाए और प्रति एकड़ 50,000 रुपए की तत्काल सहायता दी जाए। तत्काल कर्ज माफी की जाए, जिन किसानों की जमीन बह गई है।
