रेन वॉटर हार्वेस्टिंग से योगेश मालवीय ने सूखे बोरवेल को दिया नया जीवन, मेलघाट बना प्रेरणा
Melghat Water Conservation: मेलघाट के धारणी निवासी योगेश मालवीय ने अपने घर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाकर वर्षा जल का सफल भूजल पुनर्भरण किया। इस पहल से उनका सूखता बोरवेल फिर से भरने लगा।
Water Conservation (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Melghat Groundwater Recharge: हर वर्ष गर्मी आते ही पानी का संकट, सूखते बोरवेल और गिरता भूजल स्तर लोगों की चिंता बढ़ा देता है।ऐसे समय में मेलघाट के धारणी शहर में एक सरकारी कर्मचारी ने अपने घर पर वर्षा जल संचयन रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का सफल प्रयोग कर यह साबित कर दिया कि यदि हर नागरिक संकल्प ले तो जल संकट पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। बारिश की हर बूंद को सहेजने का निर्णयजिला परिषद हाईस्कूल एवं कनिष्ठ विज्ञान महाविद्यालय, धारणी में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत योगेश मालवीय ने अपने घर की छत पर गिरने वाली बारिश की हर बूंद को सहेजने का निर्णय लिया।
उन्होंने अपने निजी खर्च से घर के परिसर में बोरवेल के पास करीब 15 फीट गहरा रिचार्ज पिट तैयार कराया। सीमेंट और ईंटों से मजबूत संरचना बनाकर छत से आने वाले वर्षा जल को पाइपलाइन के माध्यम से सीधे इस टैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। यहां से पानी धीरेधीरे जमीन में रिसकर भूजल का पुनर्भरण करता है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का कमाल
भूजल स्तर बढ़ाने में बेहद प्रभावी 17 जून से शुरू हुई अच्छी बारिश के बाद इस प्रयोग का परिणाम कुछ ही दिनों में दिखाई देने लगा। पहले जिस बोरवेल से पानी आने में 10 से 15 मिनट का समय लगता था, अब वहीं लगभग एक मिनट में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा है। इससे स्पष्ट हुआ कि वर्षा जल का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्भरण भूजल स्तर बढ़ाने में बेहद प्रभावी साबित हो सकता है।
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समय की आवश्यकता
मालवीय का कहना है कि बारिश का अधिकांश पानी हर वर्ष बहकर नालों में चला जाता है, जबकि यदि उसे जमीन में उतारा जाए तो सूखते बोरवेल फिर से जीवंत हो सकते हैं। उनका मानना है कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है।
राणीतंबोली गांव के किसान परिवार से आने वाले मालवीय ने बिना किसी सरकारी अनुदान के यह प्रयोग किया। उनका यह प्रयास अब धारणी ही नहीं, बल्कि पूरे मेलघाट क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन रहा है। यदि प्रत्येक घर, विद्यालय, कार्यालय और सार्वजनिक भवन में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जाए तो भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कुछ ही दिनों में बढ़ा भूजल स्तर और भर गया बोरवेल
जिपि हाईस्कूल एवं कनिष्ठ महाविद्यालय धारणी के वरिष्ठ लिपिक योगेश मालवीय ने कहा कि आज की सबसे बड़ी जरूरत बारिश की हर बूंद भविष्य की पूंजी है। यदि हर परिवार अपने घर की छत पर गिरने वाले पानी को जमीन में उतारने का संकल्प ले, तो भूजल स्तर बढ़ेगा, सूखते बोरवेल फिर से भरेंगे और आने वाली पीढ़ियों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
