भंडारा में सामान्य से 72% कम बारिश, खरीफ बुआई पर संकट, किसान अच्छी वर्षा का कर रहे इंतजार
Bhandara Rainfall Deficit: भंडारा में जून में सामान्य से 72% कम बारिश दर्ज होने से खरीफ बुआई प्रभावित हुई है। किसान अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं, वहीं खाद और बीज की बिक्री भी सुस्त बनी हुई है।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया, फाइल फोटो)
Bhandara Rainfall Deficit Affecting Kharif Sowing: भंडारा जिले में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून महीने में औसतन 164.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 46.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का मात्र 28.1 प्रतिशत है। बारिश की भारी कमी के कारण खरीफ सीजन की बुआई प्रभावित हो रही है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
तहसीलों में बारिश का असमान वितरण
जिले की सातों तहसीलों में वर्षा का वितरण समान नहीं रहा है। साकोली तहसील में सबसे अधिक 59.1 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई, जबकि लाखनी में केवल 12.7 प्रतिशत बारिश हुई है। इस असमान वर्षा के कारण अधिकांश क्षेत्रों में खेतों की तैयारी और बुआई का कार्य प्रभावित हुआ है। कृषि विभाग ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देकर विभागीय सलाह के अनुसार ही बुआई करने की अपील की है।
इस वर्ष खरीफ सीजन में जिले में 1.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें लगभग 1.81 लाख हेक्टेयर में धान की खेती प्रस्तावित है, जबकि शेष क्षेत्र में तुअर और सोयाबीन की बुआई की जाएगी। रोहिणी और मृग नक्षत्र में बारिश नहीं होने से बुआई पिछड़ गई थी। हालांकि आर्द्रा नक्षत्र में हुई बारिश के बाद किसानों ने खेत तैयार करना शुरू कर दिया है, लेकिन पर्याप्त वर्षा के बिना बुआई की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है।
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खाद की बिक्री भी सुस्त
बारिश नहीं होने का असर खाद की बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है। खरीफ सीजन के लिए जिले में 1.04 लाख मीट्रिक टन खाद की मांग है। अब तक 92,800 मीट्रिक टन खाद का आवंटन हुआ है और 52,847 मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया है। कृषि केंद्रों पर 37,659 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक मौजूद है, लेकिन किसान जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यूरिया की 30 हजार मीट्रिक टन मांग के मुकाबले अब तक केवल 6,521 मीट्रिक टन की बिक्री हुई है।
बीजों की मांग बढ़ने के आसार
धान भंडारा जिले की प्रमुख फसल है। इसके लिए 1.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के हिसाब से 44,532 क्विंटल बीजों की मांग है। फिलहाल 22,496.44 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं, जिनमें से केवल 2,214.86 क्विंटल की बिक्री हुई है।
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कालाबाजारी करने पर सख्त कार्रवाई
जिला अधीक्षक संगीता माने ने बताया कि कृषि अधिकारीखाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले या कालाबाजारी करने वाले केंद्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने किसानों से आवश्यकतानुसार ही खाद खरीदने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि खाद के साथ अन्य दवाइयां या सामग्रियां जबरन बेचने (लिंकिंग) और रेट बोर्ड न लगाने वाले केंद्रों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
