मेलघाट में कुपोषण और बाल मृत्यु पर विधायक खोडके का ध्यानाकर्षण, उठाए कई सवाल
Child Death Rate: विधान परिषद के मानसून सत्र में विधायक संजय खोडके ने कुपोषण और बाल मृत्यु का मुद्दा उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की।
Prakash Abitkar (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Melghat Malnutrition: विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधान परिषद में कुपोषण और बाल मृत्यु का एक गंभीर मामला सामने आया। विधायक संजय खोडके ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए सदन का ध्यान खींचते हुए कहा कि कुपोषण और बाल मृत्यु को रोकने के लिए केवल अस्थायी सुधारों से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके लिए ठोस और स्थायी उपाय करने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 202526 में राज्यभर में 12,000 बाल मृत्यु दर्ज की गईं, जबकि इससे पहले 202324 और 202425 में यह संख्या 1313 हजार थी। खोडके ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था द्वारा असली आंकड़े छिपाए जा रहे हैं, जिससे इस समस्या के समाधान में बाधा आ रही है। आदिवासी इलाकों में काम करने वाले स्वयंसेवी संगठनों को भी सही डेटा नहीं दिया जा रहा है।
बाल मृत्यु के आंकड़ों पर सवाल
जिले के मेलघाट-धारणी क्षेत्र का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आदिवासी विकास विभाग के बीच आपसी तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी, सीडीपीओ के रिक्त पद और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए नियमित डीजल फंड न मिलने जैसी जमीनी समस्याओं को भी उजागर किया। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मेळघाट में 300 बेड के अस्पताल का काम जल्द पूरा होगा।
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महाराष्ट्र अन्य राज्यों से बेहतर
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि महाराष्ट्र बाल मृत्यु दर को कम करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। देश में जहां नवजात मृत्यु दर 18 है, वहीं महाराष्ट्र में यह 10 है।
अर्भक मृत्यु दर देश में 24 के मुकाबले राज्य में 13 और बाल मृत्यु दर 28 के मुकाबले 15 है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि डॉ. दीपक सावंत की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स और राज्य स्तरीय समितियों के माध्यम से सरकार उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में विशेष उपाय करने और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
