क्रीड़ा विशेषज्ञों के सुझाव नीति में होंगे शामिल, अमरावती में बोले क्रीडा मंत्री कोकाटे
Amravati: क्रीड़ा क्षेत्र के विशेषज्ञों और मान्यवरों से राज्यभर में संवाद साधा जा रहा है। संवाद कार्यक्रम से प्राप्त होने वाले बहुमूल्य सुझावों का संकलन कर उन्हें नई क्रीड़ा नीति में शामिल किया जाएगा।
- Written By: प्रिया जैस
माणिकराव कोकाटे (सौजन्य-नवभारत)
Minister Manikrao Kokate: क्रीड़ामंत्री एड. माणिकराव कोकाटे ने कहा कि राज्य की क्रीड़ा नीति में आमूलचूल परिवर्तन करना आवश्यक है। इसके लिए क्रीड़ा क्षेत्र के विशेषज्ञों और मान्यवरों से राज्यभर में संवाद साधा जा रहा है। संवाद कार्यक्रम से प्राप्त होने वाले बहुमूल्य सुझावों का संकलन कर उन्हें नई क्रीड़ा नीति में शामिल किया जाएगा।
संत ज्ञानेश्वर सांस्कृतिक भवन में ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण से क्रीड़ा क्षेत्र के मान्यवरों के साथ संवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायक संजय खोड़के, सुलभा खोड़के, क्रीड़ा विभाग के सहसंचालक सुधीर मोरे, कल्याण पाटील, जीतू ठाकुर, एड। प्रशांत देशपांडे, संजय सबनीस आदि उपस्थित थे।
श्रेष्ठ खिलाड़ियों को तैयार करने में भूमिका
एड. कोकाटे ने कहा कि पहले की नीति में विभिन्न पुरस्कार और अनुदान की व्यवस्था थी। क्रीड़ा विभाग में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों का ढांचा तैयार किया गया है। आगे यह प्रयास रहेगा कि क्रीड़ा क्षेत्र से जुड़े अनुभवी कर्मचारी ही इस विभाग में नियुक्त हों। नई क्रीड़ा नीति के लिए प्राप्त सुझावों में खिलाड़ियों की सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है।
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इस पर विचार कर ठोस निर्णय लिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षकों को बहुत ही अल्प मानधन मिलता है, जबकि श्रेष्ठ खिलाड़ियों को तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए मानधन वृद्धि पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। नई पीढ़ी को क्रीड़ा क्षेत्र में आकर्षित करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। मुख्य रूप से ओलंपिक में खेले जाने वाले खेलों पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में क्रीड़ा का विकास कर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
क्रीड़ा संकुल निर्मिति समिति में बदलाव
तहसील स्तर पर क्रीड़ा संकुल निर्माण के लिए पहले से समिति बनाई गई थी, जिसमें अब बदलाव किया गया है। अब उपविभागीय अधिकारी समिति के अध्यक्ष रहेंगे। सार्वजनिक-निजी भागीदारी से क्रीड़ा क्षेत्र का विकास किया जाएगा। क्रीड़ा विकास हेतु इजरायल की एक कंपनी 800 करोड़ रुपये का निवेश करने को तैयार है।
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अमरावती को इसके लिए एक उपयुक्त विकल्प के रूप में सुझाया जाएगा। सरकार की अनुमति लेकर यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही जिला स्तर पर सिंथेटिक ट्रैक तुरंत उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य होगा। इस अवसर पर क्रीड़ा शिक्षक, प्रशिक्षक, मार्गदर्शक, पुरस्कार विजेता और खिलाड़ी उपस्थित थे।
