Rajura Laghu Prakalp Dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
Amravati Land Acquisition Compensation Issue: पुनर्वास और जमीन अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर राजुरा लघु प्रकल्प का निर्माण कार्य एक बार फिर विवादों में घिर गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने यहां शुरु विकास कार्य रुकवाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, 2024 से शुरू इस परियोजना के कारण गांव के पास सेफ्टी वॉल बनने से भविष्य में खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पुनर्वास और रोजगार की मांग लंबे समय से की जा रही है। वर्ष 2025 में भी ग्रामीणों ने अमरण अनशन किया था, जिसके बाद अधिकारियों ने शासन स्तर पर मामला भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
हाल ही में ग्राम पंचायत की आमसभा में प्रस्ताव पारित कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग दोहराई गई। इस मांग को नजरअंदाज किए जाने व उचित समाधान न निकलने पर भड़के ग्रामीण रिध्दपुर स्थित प्रकल्प स्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया।
सूचना मिलते ही शिरखेड पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया, फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई। है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से मुख्य प्रकल्प का काम भी आंदोलन के कारण प्रभावित है और किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
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परियोजना के लिए दाभेरी, इस्माईल, खंजर, सैयदापुर, बुरहानपुर, मुबारकगांव और राजुरा समेत करीब 350 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किया गया है, जिस पर लगभग 193 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सांसद बलवंत वानखडे सरपंच और प्रकल्पग्रस्तों के साथ कार्यकारी अभियंता से चर्चा करेंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बैठक से उनके पुनर्वास और मुआवजे का समाधान निकल सकेगा।