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वरुड तहसील में बारिश ने फेरा मुंह, सूखने की कगार पर कपास, सोयाबीन और तुअर की फसल

Amravati Rainfall Shortage : अमरावती के वरुड तहसील में बुआई के बाद बारिश नहीं होने से कपास, सोयाबीन और तुअर की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।

  • Author By Anuj Sahu | published By आंचल लोखंडे |
Updated On: Jul 17, 2026 | 08:41 PM

फसल सूखने की कगार- एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)

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Amravati Farmers Crisis: अमरावती जिले के वरुड तहसील में बुआई के अनुकूल बारिश देखकर खुशीखुशी कपास, तुअर और सोयाबीन की बुआई करने वाले किसानों को इस साल फिर कुदरत ने बड़ा झटका दिया है। बुआई हुए 10 से 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन तालुका में बारिश ने पूरी तरह से मुंह मोड़ लिया है। इसके चलते खेतों में अंकुरित हुईं फसलों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।

बारिशकर्ज के बोझ तले दबा किसान

पिछले दो वर्षों से लगातार प्राकृतिक और प्रशासनिक मार झेल रहे किसानों ने इस उम्मीद में दिनरात खेतों में पसीना बहाया था कि इस साल अच्छी फसल होगी। किसानों ने महंगे दाम पर बीज, खाद और मजदूरी की व्यवस्था करने के लिए कर्ज तक लिया और बुआई पूरी की।

लेकिन बुआई के ठीक बाद मानसून के इस लंबे अंतराल ब्रेक ने किसानों की कमर तोड़ दी है। दोबारा बुआई का मंडराया खतराभीषण धूप और बारिश न होने से खेतों की नमी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। खेतों में उगी कपास, तुअर और सोयाबीन की कोमल फसलें अब सूखने करपने की कगार पर पहुंच गई हैं।

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फसलें सूखने लगीं, मुफ्त बीज की मांग

यदि अगले दोतीन दिनों में जोरदार बारिश नहीं हुई, तो किसानों के हाथ से यह फसल निकल जाएगी और उन पर दोबारा बुआई दुबार पेरणी की नौबत आ जाएगी। बाजार में पहले से ही रासायनिक खादों की किल्लत और बीजों के आसमान छूते दामों ने किसानों की चिंता को दोगुना कर दिया है।

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तालुका के किसानों ने प्रशासन से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसका संज्ञान लिया जाए। यदि दोबारा बुआई की नौबत आती है, तो सरकार की ओर से मुफ्त बीज और विशेष अनुदान की व्यवस्था तुरंत करने की मांग की।

पेट पालने के लिए संघर्ष

हम दिनरात खेतों में मेहनत करते हैं, लेकिन हर साल प्रकृति हमारी परीक्षा लेती है। इस बार जंगली जानवरों का आतंक तो था ही, अब बारिश ने भी धोखा दे दिया। परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रहे किसान अब सिर्फ आसमान की ओर आंखें टिकाए वरुण देव के आने का इंतजार कर रहे हैं।

Rains have turned their backs on varud tehsil leaving cotton soybean and pigeon pea crops on the verge of drying up

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Published On: Jul 17, 2026 | 03:49 PM

Topics:  

  • Amravati News
  • Maharashtra News
  • Vidarbha Farmers

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