Kurha Electricity Issue:अमरावती जिले के कुर्हा क्षेत्र (सोर्सः सोशल मीडिया)
Amravati Farmers: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के कुर्हा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत कौंडण्यपूर फीडर से जुड़े मुर्तिजापुर (तरोडा), आखतवाडा, वंडली, छिंदवाड़ी, मारडा और चेनुष्ठा गांवों के किसानों ने सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर दिन में आठ घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है। किसानों का कहना है कि रात के समय दी जा रही बिजली आपूर्ति के कारण उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में कृषि पंपों के लिए बिजली आपूर्ति रात में की जा रही है, जिससे विदर्भ क्षेत्र के किसान संकट में हैं। किसानों को देर रात तक खेतों में रुककर सिंचाई करनी पड़ती है। कड़ाके की ठंड और अंधेरे में काम करने से शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं। कई किसान बीमार पड़ रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय खेतों में जंगली जानवरों जैसे जंगली सूअर, हिरण, नीलगाय और सांप की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में खेतों में कार्य करते समय जान का खतरा बना रहता है। कुछ स्थानों पर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिससे किसानों में भय का माहौल व्याप्त है। इसके बावजूद फसलों की सुरक्षा और आजीविका के लिए किसानों को रात में खेतों में जाना मजबूरी बन गया है।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों ने शासन और विद्युत वितरण कंपनी से आग्रह किया है कि उन्हें दिन में लगातार आठ घंटे की भरोसेमंद बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। किसानों का कहना है कि दिन में बिजली मिलने से कृषि कार्य सुचारु रूप से हो सकेंगे, फसल नियोजन बेहतर होगा, दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा और वे निश्चिंत होकर खेती कर सकेंगे।
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विदर्भ के किसान पहले से ही मौसम की मार, फसल नुकसान और आर्थिक संकट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में रात की बिजली आपूर्ति एक और बड़ी समस्या बन गई है। किसानों ने मांग की है कि उनके हित और जीवन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले। यह मांग कौंडण्यपूर फीडर अंतर्गत आने वाले सभी संबंधित गांवों के किसानों द्वारा एकमत से की गई है।