government medical college Ambarnath (सोर्सः सोशल मीडिया
Bombay High Court Order: बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने शेतकी सोसायटी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने स्थानीय शेतकी सोसायटी को खेती के उद्देश्य से जमीन आवंटित की थी, लेकिन इसके दुरुपयोग के आरोप सामने आने पर जनवरी में हाई कोर्ट ने उक्त भूमि सरकार को हस्तांतरित करने का आदेश दिया था।
न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बुधवार को सर्वे नंबर 166/5 स्थित लगभग 8 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की संयुक्त कार्रवाई की गई। स्थानीय पुलिस, अंबरनाथ तहसील कार्यालय और अंबरनाथ नगर परिषद की अतिक्रमण-विरोधी टीम ने बिना किसी राजनीतिक दबाव की परवाह किए अभियान चलाया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1963 में राज्य सरकार ने सोसायटी को करीब 210 एकड़ जमीन खेती के लिए आवंटित की थी।
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से छह अनाधिकृत निर्माण, एक सुरक्षा परिसर तथा जींस धुलाई की अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री का रासायनिक अपशिष्ट सीधे वालधुनी नदी की सहायक धारा में छोड़ा जा रहा था, जिससे क्षेत्र में नीला-हरा पानी जमा हो रहा था। यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित होने के बावजूद प्रशासन की नजर से कैसे बची रही, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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हाई कोर्ट ने कृषि समिति की अपील खारिज करते हुए राज्य सरकार के भूमि अधिग्रहण के निर्णय को बरकरार रखा है। इस भूमि का अधिकांश हिस्सा प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण में उपयोग किया जाएगा। जांच में यह भी पाया गया कि खेती के लिए दी गई सरकारी जमीन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग करते हुए वहां सैकड़ों अवैध मकान, चॉल, दुकानें, शेड और फार्महाउस बना लिए गए थे।
कोर्ट ने स्थानीय तहसीलदार को तीन महीने के भीतर भूमि का कब्जा लेने का निर्देश दिया था। प्रस्तावित योजना के तहत 8 हेक्टेयर क्षेत्र में सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाया जाएगा। यह कार्रवाई तहसीलदार अमित पुरी, नगर परिषद के मुख्य अधिकारी उमाकांत गायकवाड़, उप तहसीलदार दीपक अनारे और अतिक्रमण विभाग प्रमुख नरेंद्र संखे के मार्गदर्शन में तथा पुलिस की कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुई।