दशहरे पर Amravati बाजार में जबरदस्त रौनक, गेंदा फूल के दाम पहुंचे 100 रुपये किलो!
2 अक्टूबर को धूमधाम से विजयादशमी का त्योहार मनाया जाने वाला है। ऐसे में Amravati में फूलों की डिमांड में भारी तेजी देखने के लिए मिल रही है। साथ ही शमी के पत्तों यानी सोना पत्ती की भी मांग बढ़ी हुई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
गेंदा के फूल (सौ. सोशल मीडिया )
Flowers Demand In Amravati : असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयादशमी गुरुवार 2 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा जिसके लिए बाजार में जबरदस्त रौनक रही। दशहरे के दिन एक दूसरे को शमी के पत्ते देकर शुभकामनाएं दी जाती हैं।
इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए घर, दुकानों की अच्छी तरह से सफाई कर प्रवेश द्वारों पर फूलों के तोरण लगाए जाते हैं। इसी प्रकार शस्त्र और वाहन पूजन किया जाता है। शहर के मुख्य मार्गों पर शमी के पत्ते तथा फूलों की दुकानें सज गई हैं और बुधवार की दोपहर से ही खरीदी करने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। राजकमल चौक, चित्रा चौक, जयस्तंभ चौक, गाडगे नगर, कांग्रेस नगर रोड, राजापेठ, रुख्मिणी नगर, रवि नगर, बडनेरा आदि इलाकों में ग्राहकों की भारी भीड़ रही।
कई जगह ट्रैफिक जाम की समस्या से भी लोगों को दो-चार होना पड़ा। शमी का पत्ता, आम पत्ता सहित फलों की दुकानों में भी भीड़ रही। गेंदा फूल विक्रेता गजानन बानखडे और से। इरशाद के अनुसार लगातार बारिश से गेंदा उत्पादक किसानों व फूल विक्रेताओं में निराशा थी। उन्हें बारिश से फसल खराब होने का डर था। नवरात्रि के दौरान गेंदा की कीमत काफी गिर गई थी, किंतु दशहरे में फूल को अच्छे दाम मिल रहे हैं। रुख्मिणी नगर चौक, प्रशांत नगर चौक, मालवीय चौक, इर्विन रोड, पुराना कॉटन मार्केट चौक, चौधरी चौक, चित्रा चौक, गांधी चौक, राजापेठ, रवि नगर चौक आदि क्षेत्रों में गेंदा फूल की भरमार दिखाई दी।
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गेंदा फूल की बहार
इस वर्ष लगातार तेज और मूसलाधार बारिश के कारण विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं फूल बागवानी में आने वाले गुलाब, सेवंती और गेंदा की फसल को भी काफी नुकसान हुआ। गेंदा फूल कम पानी में उगाया जाने वाला फूल होने के कारण अधिक पानी मिलने से गीला होकर खराब हो गया था। किंतु गेंदा उत्पादकों के अनुसार दो-तीन दिन बारिश थमने और कुछ पौधों पर बहारदार कलियों के कारण दशहरे तक गेंदा की फसल अच्छी रही। त्योहारी फूल कहे जाने वाले गेंदा फूल की कीमत दशहरा पूर्व 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। दशहरे तक इसकी कीमत 80 से 100 रुपये प्रति किलो हो गई, जिससे किसान और विक्रेता दोनों में उत्साह देखा गया।
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खरीदी के लिए शुभ दिन
इस दिन को खरीदी के लिए शुभ माना जाता है। आभूषण, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल, मिठाई, खाय सामग्री, पूजा साम्ग्ररी, होम अप्लायंसेस, खिलीने आदि हर प्रकार की दुकानों पर दिनभर रिकार्ड भीड़ रही। मार्केट मैं भीड़ के कारण शहर के हर प्रमुख चौक-चौराहे और मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
