Akola: प्रकाश आंबेडकर का सियासी हमला, बोले- Maharashtra में चोरों की सरकार

Akola में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे भाजपा को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है।
Akola में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे भाजपा को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है।
प्रकाश आंबेडकर (सौ. सोशल मीडिया )
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Akola News: स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में भाजपा को छोड़ कर वंचित बहुजन आघाड़ी किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। यह विचार वीबीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड। प्रकाश आंबेडकर ने पत्र परिषद में प्रकट किए।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राकां अजीत पवार गुट के साथ गठबंधन करने में भी उन्हें कोई कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि अकोला जिले में स्थानीय स्वराज्य संस्था के चुनाव को लेकर बीबीए के स्थानीय पदाधिकारी ही निर्णय लेंगे कि किसके साथ गठबंधन करना है। उन्हें पूरे अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि आनंदराज आंबेडकर और वीबीए के बीच चर्चा में भी कोई रुकावट नहीं है।

मतदाता खुद से प्रमाणिक नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता खुद से प्रामाणिक नहीं है तो न्याय कहां से मिलेगा। देखा गया है कि चुनाव के समय मतदाता जाति धर्म देखकर मतदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अब जागना चाहिए, मतदाताओं का काम है कि जो पार्टी उनकी समस्याओं को हल नहीं करती उनको स्थायी रूप से सत्ता से हटा देना चाहिए। इस अवसर पर पत्र परिषद में बीबीए के नेता डा धैर्यवर्धन पुंडकर और प्रमोद देंडवे प्रमुखता से उपस्थित थे।

राज्य में चोरों की सरकार

एड आंबेडकर ने कहा कि महाराष्ट्र में चोरों की सरकार है। महाराष्ट्र में अतिवृष्टि के कारण हमारे किसानों की फसलें बरबाद हो गई हैं। गीले अकाल की स्थिति है। लेकिन सरकार गौला अकाल घोषित नहीं कर रही है क्योंकि सरकार यदि गीला अकाल घोषित करती है तो किसानों को खावटी (विशेष आर्थिक मदद देनी पड़ेगी। इसलिए सरकार गीला अकाल घोषित नहीं कर रही है। केंद्र सरकार के फंड का उपयोग भी राज्य सरकार करती है लेकिन किसानों के लिए गीला अकाल घोषित नहीं करती है।

सरकार की यह नीति बिल्कुल ठीक नहीं है। बीबीए सरकार की इस नीति का निषेध करती है। देखा जाए तो दीपावली के पहले ही गीला अकाल घोषित करना चाहिए, सरकार ने अब तक किसानों का सातचारा कोरा क्यों नहीं किया। इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो पार्टियां सातबारा कोरा करने की बात कर रहीं हैं। वे पार्टियां जब सत्ता में थी तव उन्होंने सातबारा कोरा क्यों नहीं किया।

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