अमरावती में महावितरण की नई पहल; हर सोमवार 'सुरक्षा शपथ' से होगी काम की शुरुआत; शून्य दुर्घटना लक्ष्य पर जोर

Amravati News: महावितरण ने विघुत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर सोमवार को 'सुरक्षा शपथ' लेना अनिवार्य कर दिया है। 664 उपविभागों के कर्मचारी अब PPE किट की जांच और शपथ के बाद ही मैदानी कार्य शुरू करेंगे।
Mahavitaran launched a 'Safety Oath' initiative every Monday across 664 sub-divisions to reach a zero-accident goal. Engineers and staff will now inspect PPE kits before starting field operations.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Maharashtra Electricity Safety News: अमरावती मे विघुत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महावितरण ने राज्य के सभी उपविभाग और शाखा कार्यालयों में प्रत्येक सोमवार अथवा सप्ताह के पहले कार्यदिवस पर काम की शुरुआत "विघुत सुरक्षा शपथ" से करने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति सजगता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

 विघुत सुरक्षा बनेगी कार्यसंस्कृति का हिस्सा

महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र ने 'शून्य विघुत दुर्घटना' लक्ष्य की प्रभावी और सतत अमलवाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, विघुत सुरक्षा केवल नियम नहीं बल्कि दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा है और हर जीवन अमूल्य है। केंद्रीय विघुत प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप महावितरण ने कर्मचारियों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई पहल तेज की हैं।

जून 2025 में 20वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान में 2.11 लाख से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। साथ ही 2 करोड़ 85 लाख उपभोक्ताओं तक व्यक्तिगत सुरक्षा संदेश पहुंचाया गया। तकनीकी कर्मचारियों को सुरक्षित रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों के लिए 20 से 25 प्रकार के व्यक्तिगत एवं सामूहिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इन उपकरणों की त्वरित उपलब्धता के लिए 'टी एंड पी रजिस्टर मॉड्यूल' भी लागू किया गया है। महावितरण की यह पहल विघुत दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

664 उपविभागों में लागू हुआ सुरक्षा अभियान

राज्यभर के 664 उपविभाग तथा 3291 शाखा कार्यालयों में सोमवार को "सुरक्षा दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन अभियंता और तकनीकी कर्मचारी कार्य प्रारंभकरने से पहले सुरक्षा शपथ लेंगे। साथ ही, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) और तकनीकी साधनों की जांच के बाद ही मैदानी कार्य शुरू किया जाएगा।

सभी तकनीकी बैठकों की शुरुआत भी अब सुरक्षा शपथ से होगी। इन उपक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मंडल स्तर पर कार्यकारी अभियंता (प्रशासन) तथा विभाग स्तर पर अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता को सौंपी गई है।

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