
चुनाव चिह्न (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Amravati corporator election symbols: अमरावती मनपा चुनाव को लेकर शनिवार को निर्वाचन विभाग की ओर से सभी अधिकृत उम्मीदवारों को चुनाव चिन्हों का वितरण किया गया। इसके साथ ही अब चुनाव प्रचार ने जोर पकड़ ली है। इस बार मनपा चुनाव में 22 प्रभाग में 87 सीटों के लिए 661 उम्मीदवार खड़े हैं। शुक्रवार को कुल 161 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए थे। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल थे।
शनिवार को निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिन्ह वितरण किए गए। जहां राष्ट्रीय पार्टीयों के चुनाव चिन्हों के अलावा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को भी उनके पसंदीदा चुनाव चिन्हों का वितरण किया गया। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशी अपने-अपने प्रभागों में प्रचार अभियान को और तेज कर दिया है।
मनपा चुनाव में जहां अजीत पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सबसे ज्यादा 87 उम्मीदवार खड़े किए है। वहीं भाजपा 68, कांग्रेस 74, युवा स्वाभिमान 42, वंबआ/ युनाईटेड 48, शिवेसना (उबाठा) 20, राकां (शरद पवार) 17, शिवसेना (शिंदे गुट) 72, एमआईएम 24 सहित अन्य पार्टियों के भी उम्मीदवार है। निर्दलीय 219 उम्मीदवार भी चुनाव मैदान खड़े हैं। इन सभी को उनके पसंदीदा चुनाव चिन्हों का वितरण किया गया।
22 – कुल प्रभाग
87 – कुल सीटें
चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों के चिन्ह में कमल (बीजेपी) पंजा (कांग्रेस), घड़ी (राकां, अजीत), तुतारी बजाता व्यक्ति (राकां, शरद पवार) धनुष-बाण (शिवेसना, शिंदे), मशाल (शिवसेना, उबाठा), बैट (प्रहार), सिलेंडर (वंचित आघाडी), हाथी (बसपा), पतंग (एमआईएम), झाडू (आप), सिंह (एआईएफबी), चाबी (रिपाईअ), पाना (स्वाभिमान पार्टी), सीढ़ी (मुस्लिम लीग), नारियल (रिपाई), रेलवे इंजन (मनसे), हथोडा-दराती (भाकपा), शाला की बैग (देजप) के अलावा ही निर्दलीय पार्टीयों को एसी, टीवी, सिलिंग फैन, छतरी, ऑटो रिक्शा, बस, रोड रोलर,कपबशी,केटली, सफरचंद, दुरदर्शन, माचिस, सिटी, पुस्तक, सिलाई मशीन, कंघी, जैसे अन्य चिन्हों का भी समावेश है।
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जिन उम्मीदवारों को पार्टी की ओर से टिकट निधारित की गई थी। वे चुनाव चिन्ह मिलने के पहले ही प्रचार में जुट चुके थे। नुक्कड़ सभाएं, पैदल मार्च व पार्टी चिन्ह के लिए वोट मांगने का सिलसिला पहले से ही शुरू था। वहीं जिन प्रत्याशियों ने निर्दलीय प्रत्याशियों के रुप में नामांकन दाखिल किया था। वे व्यक्तिगत रुप से वोट मांग रहे थे। 3 जनवरी को चुनाव चिन्ह मिलने के बाद अब सभी अपने चिन्हों के साथ चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।






