Amravati Municipal Corporation (सोर्स- नवभारत )
Amravati Municipal Corporation News: अमरावती मनपा क्षेत्र में साफ -सफाई को लेकर मुद्दा गरमाते जा रहा है। प्रशासन ने सभासदों को बगैर किसी के विश्वास में लेकर मुंबई की कोणार्क कंपनी को यह ठेका दे दिया है, लेकिन इसके बावजूद शहर में चारों और कचरे के ढेर गंदगी पड़ी हुई है। जिसको लेकर नागरिकों में रोष है। इसी के चलते सोमवार को शेगांव-रहाटगांव प्रभाग में स्वच्छता अधिकारी अजय जाधव को बुलाकर गांधीगिरी के साथ हार-फूलों से सत्कार कर अपमानित किया। इसके चलते आज पूरे दिन मनपा तथा सोशल मीडिया पर यह मुद्दा छाया रहा।
बता दें कि मनपा में स्वच्छता विषय को लेकर पिछली आमसभा में जोरदार हंगामा नवनिर्वाचित पार्षदों व्दारा किया गया था। शहर की साफ-सफाई पर उठे सवाल पर हर किसी ने स्वच्छता अधिकारी जाधव पर आरोप लगाकर उन्हें पद से मुक्त करने की मांग रखी थी। फिर भी प्रशासन ने पार्षदों की बात न सुनते हुए इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया था।
वही कई पार्षदों ने मनपा सदन सभापति से प्रभागों में निरीक्षण करने का अनुरोध भी किया था। जिसके बाद स्वयं महापौर ने विभिन्न प्रभागों का दौरा कर यहां की सफाई व्यवस्था की नब्ज टटोली और उचित निर्देश संबंधित सफाई ठेकेदारों को दिए। वही समय-समय पर मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक भी प्रभागों का दौरा कर यहां की सफाई कामों का ब्यौरा ले रही है।
आज सफाई व्यवस्था को लेकर हर किसी के मन में सवाल उठ रहे हैं। मनपा के पास निधि व मानवबल होने के बावजूद भी सफाई व्यवस्था सुधरने के बजाए बिगड़ती जा रही है। ऐसे में प्रभागों के निरीक्षण के समय सफाई के बारे में पूछे जाने वाले सवालों से अधिकारी कब तक बचते रहेंगे यह भी सोचने वाली बात है।
ये भी पढ़े:- वर्धा: सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता एकजुट हों; बसपा सम्मेलन में रामजी का आह्वान
लेकिन बावजूद इसके सफाई पूरी तरह नहीं होने से पूरे अमरावती शहर में कचरे का ढेर दिखाई पड़ रहा है। गंदगी, बदबू और मच्छरों से नागरिक त्रस्त है। वहीं अन्य प्रदेशों में ब्लैक लिस्ट में रहने वाली मुंबई की कोणार्क कंपनी को यह ठेका देने से सफाई व्यवस्था और भी ज्यादा चरमरा गई है। जिसके कारण नागरिकों सहित पार्षदों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सोमवार को शेगांव-राहटगांव में नवनिर्वाचित पार्षदों द्वारा स्वच्छता अधिकारी का फूल बरसाकर सत्कार करना यह स्वाभाविक है। हर किसी का गुस्सा स्वच्छता अधिकारी पर फूट रहा है। गांधीगिरी से किया गया आंदोलन हर किसी के मन को शांति दे रहा है।