अमरावती चुनाव में जीत (सौजन्य-नवभारत)
Amravati Mayor Election Results: गत 8 वर्षों से प्रतीक्षित मनपा चुनाव की मतगणना पश्चात किसी भी पक्ष को बहुमत नहीं मिला। यहां त्रिशंकू स्थिति निर्माण हुई है। लेकिन महायुति के गटों को मिलाकर सरकार स्थापित होने की स्थिति है। यहां अनेक दिग्गजों को पराभव का सामना करना पड़ा। चुनाव में भाजपा सर्वाधिक पार्टी बनकर उभरी।
वहीं अप्रत्याशित नतीजों में युवा स्वाभिमान पार्टी के 16 उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस ने बिना हो हल्ला के प्रचार के 15 सीटों पर जीत हासिल की। इसी प्रकार एमआईएम ने 12 सीटों पर जीत हासिल कर सबको आश्चर्य में डाल दिया। एनसीपी अजित पवार से काफी अपेक्षा थी, लेकिन वह 10 सीटों पर अटक गई। शिवसेना शिंदे गट 3, बसपा 3, उबाठा 2, वंचित आघाड़ी 1 सीट पर जीत हासिल कर पाई।
सदन में भाजपा 25, युवा स्वाभिमान 16, शिवसेना शिंदे गट 3 इस तरह महायुति के 44 उम्मीदवार मिलाकर बहुमत हासिल करने की संभावना है। चुनाव में भाजपा को काफी अपेक्षा थी, लेकिन अंत तक संभ्रम की स्थिति के चलते इस तरह की स्थिति बनने से शहर में तरह तरह की चर्चा व्याप्त है।
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| भाजपा | 25 |
| युवा स्वाभिमान पार्टी | 16 |
| कांग्रेस | 15 |
| एमआईएम | 12 |
| एनसीपी (अजित पवार) | 10 |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 3 |
| बसपा | 3 |
| शिवसेना (उबाठा) | 2 |
| वंचित आघाड़ी | 1 |
चुनाव हेतु पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सांसद डॉ. अनिल बोंडे, पूर्व पालकमंत्री प्रवीण पोटे, चुनाव निरीक्षण संजय कुटे, शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, चुनाव प्रभारी जयंत डेहनकर, प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने प्रचार यंत्रणा संभाली थी। वहीं भाजपा की पूर्व सांसद नवनीत राणा तथा उनके पति युवा स्वाभिमान के अध्यक्ष तथा विधायक रवि राणा की युति को लेकर अंतिम क्षणों तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।
संभवत: इसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा। चुनाव में विधायक सुलभा खोडके, विधायक संजय खोडके, पूर्व सांसद आनंदाराव अडसूल, पूर्व विधायक कैप्टन अभिजीत अडसूल, पूर्व पालकमंत्री जगदीश गुप्ता, कांग्रेस के सांसद बलवंत वानखडे, डॉ. सुनील देशमुख, पूर्व पालकमंत्री यशोमती ठाकुर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। इन्हें अपेक्षा के अनुसार नतीजे नहीं मिल पाए।
यह भी पढ़ें – पवार और आंबेडकर को मुंबईकरों ने नकारा, ‘आप’ का भी सूपड़ा साफ, बीएमसी में नहीं खुला खाता
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| भाजपा | 25 |
| युवा स्वाभिमान पार्टी | 16 |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 3 |
| कुल | 44 |
कांग्रेस के विलास इंगोले इस बार लगातार 7वीं बार विजयी रहे। साथ ही कांग्रेस शहर अध्यक्ष बबलू शेखावत। इसी तरह भाजपा के पूर्व महापौर चेतन गावंडे, पूर्व पार्षद सुरेखा लुंगारे, स्वाति कुलकर्णी, लविना हर्षे, आशीष अतकरे, स्मिता सूर्यवंशी भी चुनकर आए।
वहीं भाजपा पूर्व गट नेता तथा विधायक श्रीकांत भारतीय के छोटे भाई तुषार भारतीय, भाजपा महासचिव बादल कुलकर्णी, भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे की पत्नी की बड़ी बहन शोभना देशमुख, पूर्व पार्षद प्रणीत सोनी, चेतन पवार, मुख्यमंत्री के ममेरे भाई विवेक कलोती, गंगा खारकर, संगीता बुरंगे, कुसुम साहु, राजेश पड्डा, सतीश करेसिया, प्रमोद पांडे, अंजलि पांडे, पप्पू पडोले को पराजय का सामना करना पड़ा।