
अमरावती मनपा और श्रीचंद तेजवाणी (सौजन्य-नवभारत)
Mahayuti Amravati AMC: अमरावती मनपा में सत्ता गठन के बाद आज शहर को नया महापौर मिलने जा रहा है। महापौर पद का चयन लगभग तय माना जा रहा है, चंद घंटों बाद ही भाजपा के पार्षद श्रीचंद तेजवाणी महापौर पद की शपथ लेंगे। वे सिंधी समाज के पहले महापौर के रूप में प्रतिनिधित्व करेंगे। यह शहर के लिए ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
जबकि उपमहापौर पद को लेकर राजनीतिक उठापटक और आंतरिक असंतोष के चलते स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आज होने वाली पहली आमसभा राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। मनपा के 17वें महापौर के चुनाव के लिए आज शुक्रवार 6 फरवरी को मतदान होगा।
मनपा के 22 प्रभागों से निर्वाचित 87 पार्षद महापौर और उपमहापौर पद के लिए मतदान करेंगे। दोपहर 1 बजे जिलाधिकारी आशीष येरेकर की अध्यक्षता में मनपा सभागृह में आमसभा आयोजित की गई है, जिसकी प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
मनपा चुनाव के बाद भाजपा ने महायुति के समर्थन से महापौर पद के लिए श्रीचंद तेजवानी के नाम की घोषणा की है। महापौर पद के लिए 44 मतों का बहुमत आवश्यक है, जबकि भाजपा उम्मीदवार को भाजपा (25), युवा स्वाभिमान पार्टी (15), राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित) (11) और शिवसेना (शिंदे) (3) कुल 54 पार्षदों का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में महापौर पद का चुनाव औपचारिक रहने की संभावना है।
हालांकि, उपमहापौर पद को लेकर महायुति में मतभेद सामने आए हैं। युवा स्वाभिमान पार्टी के सचिन भेंडे की उम्मीदवारी पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित) की विधायक सुलभा खोडके द्वारा समर्थन पर विचार जताए जाने से सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
महायुति उम्मीदवारों को वॉकओवर न मिलने के कारण कांग्रेस और बसपा ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। महायुति के असंतुष्ट पार्षदों का लाभ कांग्रेस को मिलेगा या बसपा को, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।
वही उपमहापौर के लिए नामांकन उठाने वाली एमआईएम चुनाव से पूरी तरह दूरी बनाए हुए है। बता दें कि पिछले सदन 2017 में पार्टी की ओर से उपमहापौर के लिए उम्मीदवार खड़ा किया गया था। जिसे कुल 11 वोट भी प्राप्त हुए थे।
चुनाव प्रक्रिया के तहत पहले महापौर पद के उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। इसके बाद 15 मिनट का समय नाम वापस लेने के लिए दिया जाएगा। तत्पश्चात उपस्थित नगरसेवक हाथ उठाकर मतदान करेंगे।
मनपा में आम चुनाव के बाद 16 सदस्यीय स्थायी समिति के गठन को लेकर स्थिति लगभग स्पष्ट हो गई है। दलगत संख्या के आधार पर सदस्यों का कोटा तय किया गया है। 87 सदस्यीय मनपा में प्रति पार्षद की वैल्यू 5.43 मानी गई है। इसके अनुसार भाजपा को 5, युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस को 3-3, जबकि एमआईएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित) को 2-2 सदस्य स्थायी समिति में मिलेंगे।
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वहीं एक अंतिम सदस्य पद के लिए शिंदे गुट की शिवसेना और बसपा के बीच बराबरी की स्थिति बनी है। दोनों की वैल्यू समान होने से इस पद का फैसला ईश्वर चिट्ठी (लॉटरी) से किया जाएगा। स्थायी समिति के गठन के बाद अब सभापति पद को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है।






