
मुंबई लोकल (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Local Train Block News: पश्चिमी उपनगरीय रेल नेटवर्क में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 5वीं और 6वीं लाइन के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए गोरेगांव से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं करीब तीन महीने तक बंद हो सकती है।
यह ब्लॉक विशेष रूप से बांद्रा-खार फ्लाईओवर के तोड़ने और पुनर्निर्माण से जुड़ा होगा, जो फेज-II के सबसे जटिल हिस्सों में शामिल है। यह काम वेस्टर्न रेलवे द्वारा मुंबई सेंट्रल-बोरीवली 6वीं लाइन प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 964.84 करोड़ है, फिजिकल प्रोग्रेस अभी 70% पर है। परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2027 तय किया गया है।
फेज-1 के तहत खार गोरेगांव, गोरेगांव कांदिवली और कांदिवली-बोरीवली सेक्शन पहले ही चालू हो चुके हैं। अब फेज-II में मुंबई सेंट्रल-खार (13।33 किमी) सेक्शन का काम किया जाना है, जिसमें महिम-सांताक्रूज के बीच 5वीं लाइन का मिसिंग लिंक भी शामिल है।
इसी चरण में बांद्रा-खार फ्लाईओवर का पुनर्निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए लंबे ट्रैफिक और पावर ब्लॉक की जरूरत होगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, फ्लाईओवर के काम के लिए ट्रैफिक वर्क आर्डर की प्रक्रिया नवंबर 2024 में शुरू हुई थी। 6 महीने के ब्लॉक को मंजूरी भी मिल चुकी थी, लेकिन इतना लम्बा ब्लॉक को छोटा करने के लिए वापस काम शुरू हुआ वापस से कुल 3 महीने पर सहमति बनी है।
यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो अधिक संख्या में ट्रेनों को चलाने की क्षमता बढ़ाने में एक लंबा रास्ता तय करेगा, वर्तमान में निष्पादन की योजना बनाने के लिए बहुत काम किया जा रहा है इस तरह से कि हमारे सम्मानित यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो। काम शुरू करने के लिए अभी तक किसी भी तारीख को अंतिम रूप नहीं दिया गया है, बल्कि अब तक पूरा ध्यान विस्तृत योजना पर है ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
– विनीत अभिषेक, CPRO, पश्चिम रेलवे
इस बीच रेलवे ने स्पष्ट किया है कि गोरेगांव-सीएसएमटी सेक्शन पर प्रस्तावित ब्लॉक के दौरान कटौती करनी पड़ेगी। खासकर हार्बर और मेन लाइन सेवाओं पर इसका असर दिखेगा, क्योंकि बांद्रा और मुंबई सेंट्रल यार्ड में रिमॉडलिंग, कट-एंड-कनेक्शन और सिग्नलिंग सिस्टम का रिवर्सल इसी चरण में किया जाना है। लेकिन एक इस दौरान बांद्रा और सीएसएमटी के बीच सेवाएं चालू रहेंगी। इस रूट पर कुल गोरेगांव से सीएसएमटी के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं 88 और बांद्रा सीएसएमटी के बीच 106 है।
भूमि अधिग्रहण भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। महालक्ष्मी-लोअर परेल स्थित शक्ति मिल की 88।573 वर्ग मीटर जमीन का मामला अभी कोर्ट में है। वहीं, बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर में 155 प्रोजेक्ट प्रभावित परिवारों का पुनर्वास एमएमआरडीए के जिम्मे है।
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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है। चर्चगेट बोरीवली और आगे सीएसएमटी तक लोकल सेवाएं ज्यादा सुचारू होंगी और भीड़ कम होगी, चर्चगेट-बोरीवली-विरार के बिच सेवाओं में भी बढ़ोत्तरी होगी। यात्रियों को तीन महीने के कठिन दौर के लिए तैयार रहना होगा। पश्चिम रेलवे द्वारा बहुत पहले 5वीं लाइन का काम बांद्रा ईस्ट की तरफ कर लिया गया था, पर तत्कालीन राजनेताओं द्वारा लोकल रहवासियों के विरोध में समर्थन की वजह से वह लाइन ऑपरेशनल नहीं हुई।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए अभिषेक पाठक की रिपोर्ट






