
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Amravati Khet Marg Yojana: अमरावती जिले के खेत मार्गों के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। इस योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का निधि प्रदान किया जाएगा। इन मार्गों का निर्माण जनसहभागिता के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आने का आग्रह जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने किया है।
प्रशासन ने किसानों को खेती के लिए मार्ग की समस्या का समाधान करने हेतु यह कदम उठाया है। योजना के अनुसार, जनसहभाग और सरकारी निधि के संयुक्त प्रयास से पादंण मार्गों का निर्माण किया जाएगा। प्रति किलोमीटर मार्ग के निर्माण का खर्च 9 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें से 7.5 लाख रुपये सरकार द्वारा और शेष 1.5 लाख रुपये जनसहभागिता के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना का मार्गदर्शक प्रकल्प अंजनगांव सुर्जी तहसील में लागू किया जाएगा। इस तहसील में 20 किलोमीटर और अन्य छह तहसीलों में प्रत्येक 5 किलोमीटर के हिसाब से कुल 30 किलोमीटर खेत मार्ग बनाए जाएंगे। इस कार्य के लिए लोकजागर नामक संस्था का चयन किया गया है।
पादंण मार्ग खेतों को जोड़ने वाली छोटी, कच्ची सड़कें होती हैं। जो किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि उपज के परिवहन में मदद करती हैं। महाराष्ट्र सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बलिराजा शेत-पाणंद रस्ते योजना’ (मुख्यमंत्री बलिराजा फार्म-पाणंद रोड स्कीम) शुरू की है, जिसका मकसद इन सड़कों को बेहतर बनाना, कब्जा हटाना और हर खेत को हर मौसम में चलने वाली सड़कों से जोड़ना है, ताकि किसानों की मुश्किलें दूर हों और उन्हें सीधा फायदा मिले।
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इस योजना से खेत मार्गों पर अतिक्रमण समाप्त होगा और किसानों के लिए अपने माल को बाजार तक पहुंचाना अधिक आसान हो जाएगा। योजना के तहत खेत मार्गों को मुक्त करना और जल पुनर्भरण सुनिश्चित करना प्राथमिक उद्देश्य है। इसके तहत जिले में साल भर चलने वाले खेत मार्ग तैयार किए जाएंगे। पांदण मार्गों के निर्माण में 5 किलोमीटर के भीतर नदियों और नालों के गाद और सामग्री का उपयोग किया जाएगा, जो स्वयंसेवी संस्थाओं को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जलस्रोतों की गहराई बढ़ेगी और पानी का स्तर सुधार होगा।






