संतरा नगरी से दुग्ध राजधानी तक की सीधी उड़ान! आनंद, गोधरा और दाहोद को जोड़ने वाले नए रेल रूट का मास्टरप्लान

Nagpur Ahmedabad Express: नागपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस वाया रतलाम चलाने की मांग। उज्जैन, दाहोद और आनंद जैसे शहरों को मिलेगा सीधा जुड़ाव। व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई गति।
Demand rises for a new Nagpur-Ahmedabad Express via Ujjain & Ratlam. The 1026 km route will boost trade, tourism (Mahakal Lok), and connect Gujarat's Dahod & Anand.
नागपुर रेलवे नए रूट की मांग (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ujjain Mahakal Connectivity: नागपुर से अहमदाबाद के बीच रतलाम होकर नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग उठने लगी है। प्रस्तावित ट्रेन यदि इटारसी, भोपाल, उज्जैन और नागदा होते हुए अहमदाबाद तक चलाई जाती है तो इससे हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिल सकता है। साथ ही यह रूट पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क को भी नई गति देगा।

वर्तमान में नागपुर से रतलाम के लिए कोई सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को उज्जैन या नागदा में ट्रेन बदलनी पड़ती है, जबकि कई लोगों को इंदौर तक बस से लंबा और थकाऊ सफर करना पड़ता है। इससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है।

गुजरात के कई शहर अछूते

फिलहाल नागपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनें भुसावल, जलगांव, सूरत, अंकलेश्वर, भरूच और वडोदरा होते हुए चलती हैं। इस कारण अहमदाबाद के आगे के कई स्टेशन सीधे तौर पर नागपुर से नहीं जुड़ पाते। यदि नई ट्रेन उज्जैन और नागदा मार्ग से चलाई जाती है तो नागपुर के यात्री रतलाम, दाहोद, गोधरा, आनंद और नाडियाड जैसे महत्वपूर्ण शहरों से भी सीधे जुड़ सकेंगे। इस रूट का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि यात्रियों को महाकाल की नगरी उज्जैन जाने के लिए एक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। इसके अलावा इस मार्ग से जुड़े कई शहर व्यापारिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण हैं।

दूरी, समय में बहुत अंतर नहीं

वर्तमान में नागपुर से सूरत मार्ग से अहमदाबाद की दूरी करीब 957 किलोमीटर है और ट्रेनों को यह सफर पूरा करने में 15 से 17 घंटे 35 मिनट तक का समय लगता है। यदि ट्रेन नागपुर से उज्जैन और नागदा होते हुए अहमदाबाद तक चलाई जाती है तो दूरी केवल करीब 69 किलोमीटर ही बढ़ेगी और पूरा सफर लगभग 17 से 18 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। रेल यात्रियों का मानना है कि इस रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने से नागपुर, मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

कुछ यूं होगा जुड़ाव, मिलेगा फायदा...

नागपुर: संतरा नगरी के नाम से प्रसिद्ध नागपुर अपने रसीले संतरों, जीरो माइल स्टोन और दीक्षाभूमि जैसे ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है। यह कई टाइगर रिजर्व का प्रवेश द्वार भी है और महाराष्ट्र का एक प्रमुख शैक्षणिक व औद्योगिक केंद्र माना जाता है।

उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाकाल लोक कॉरिडोर और शिप्रा नदी के तट पर होने वाली आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। यह सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी और कालिदास की नगरी के रूप में भी प्रसिद्ध है।

रतलाम: नमकीन की नगरी रतलाम अपनी प्रसिद्ध रतलामी सेव, सोना-चांदी के व्यापार और प्रमुख रेलवे जंक्शन के रूप में पहचाना जाता है। यहां सैलाना कैक्टस गार्डन, धोलावड़ डैम और बिबड़ौद जैन तीर्थ जैसे आकर्षण भी हैं।

दाहोद: मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं के पास स्थित दाहोद ऐतिहासिक और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां संत दधीचि आश्रम, प्राचीन शिव मंदिर और रत्तनाहल स्लॉथ बीयर अभयारण्य प्रमुख आकर्षण हैं।

गोधरा: पूर्वी गुजरात का यह शहर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यहां से करीब 45 किमी दूर स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण है।

आनंद: ‘भारत की दुग्ध राजधानी’ कहे जाने वाले आनंद में अमूल का मुख्यालय स्थित है। यह श्वेत क्रांति का केंद्र रहा है और वल्लभ विद्यानगर जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी यहीं हैं।

नाडियाड: सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मस्थान नाडियाड अध्यात्म, इतिहास और व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रसिद्ध संतराम मंदिर और कई पारंपरिक कला शिल्प देखने को मिलते हैं।

अहमदाबाद: यूनेस्को विश्व धरोहर शहर अहमदाबाद अपने साबरमती आश्रम, ऐतिहासिक मस्जिदों, टेक्सटाइल उद्योग और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के बाजार, कांकड़िया झील और रिवरफ्रंट शहर को आधुनिक पहचान देते हैं।

समय की मांग है ये ट्रेन : त्रिवेदी

शहर के व्यापारी हरिभाई त्रिवेदी ने कहा कि इस रूट पर कम से कम एक ट्रेन अब समय की मांग है। नागपुर से अहमदाबाद के लिए एक और नया रूट मिलने से व्यापार, व्यवसाय बढ़ेगा। यदि रेलवे को लगता है कि नागदा से अहमदाबाद तक ट्रेन संभव नहीं है तो रतलाम तक कम से कम एक साप्ताहिक ट्रेन जरूर चलाई जाए। इसे हजारों यात्रियों के साथ शहर के व्यापारिक क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।

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