- Hindi News »
- Maharashtra »
- Amravati »
- Amravati Kharif Season Sowing Target Seeds Shortage Mahabeej Fertilizer Crisis 2026
कम वर्षा के अनुमान से दोबारा बुआई का संकट, बीज और खाद की कमी से किसानों की बढ़ी चिंता
- Written By: केतकी मोडक
Seed Shortage: अमरावती जिले में खरीफ सीजन के लिए 6.77 लाख हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य है, लेकिन महाबीज के पास सरकारी बीजों की भारी किल्लत से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Amravati Farmers Faces Sowing Challenges: आगामी खरीफ सीजन 2026-27 के लिए अमरावती जिले में कृषि विभाग द्वारा कुल 6 लाख 77 हजार 656 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का व्यापक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यद्यपि कृषि विभाग ने अपनी ओर से बीज एवं रासायनिक उर्वरकों (खाद) की उपलब्धता का नियोजन पूरा कर लेने का दावा किया है, लेकिन हकीकत में प्रमुख फसलों के लिए सरकारी बीजों का बेहद सीमित भंडार किसानों की चिंता को लगातार बढ़ा रहा है। इस चिंता को मौसम विभाग के उस पूर्वानुमान ने और गहरा कर दिया है, जिसमें इस साल सामान्य से कम और असमान वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके चलते जिले के किसानों पर दोबारा बुआई (री-सोइंग) करने का गंभीर संकट भी मंडराने लगा है।
सोयाबीन और कपास के सरकारी बीजों में भारी अंतर
आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस वर्ष रिकॉर्ड 2 लाख 48 हजार 956 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन तथा 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की खेती किए जाने का अनुमान लगाया गया है। जिले में सोयाबीन की बुआई को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कुल 65 हजार 351 क्विंटल बीजों की नितांत आवश्यकता है, जबकि इसके मुकाबले सरकारी संस्था ‘महाबीज’ के माध्यम से केवल 32 हजार क्विंटल बीज ही उपलब्ध हो सकेंगे। इसी प्रकार, सफेद सोना कहे जाने वाले कपास के लिए जिले भर में कुल 1.25 लाख प्रमाणित बीज पैकेटों की जरूरत है, जिसके मुकाबले सरकारी स्तर पर मात्र 6,800 पैकेट ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
तुअर और मक्का की बुआई पर भी संकट के बादल
बीजों की यह भारी कमी केवल नकदी फसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि दलहनी फसलों पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है। इस साल जिले में कुल 1.20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तुअर की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के लिए किसानों की ओर से कुल 5,760 क्विंटल उन्नत बीजों की मांग दर्ज की गई है, जबकि सरकारी स्तर पर उपलब्धता केवल 1,040 क्विंटल बीजों की ही है। वहीं, मक्का की फसल के लिए अमरावती जिले में कुल 7,072 क्विंटल बीजों की आवश्यकता जताई गई है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से महाबीज के पास वर्तमान में इसका कोई भी भंडार उपलब्ध नहीं है। ऐसी विकट स्थिति में जिले के गरीब किसानों को न चाहते हुए भी भारी दामों पर निजी कंपनियों के बीजों पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ेगा।
सम्बंधित ख़बरें
Kalyan Power Outage: कल्याण में 12 घंटे ब्लैकआउट से हाहाकार, बिजली पोल गिरने से ठप रही सप्लाई
नागपुर : पेंशन खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार है: रिटायर्ड कर्मचारी को राहत, हाई कोर्ट ने मनपा को लगाई फटकार
Mumbai Water Crisis: मुंबई की सबसे बड़ी अपर वैतरणा झील में बचा ‘शून्य’ प्रतिशत पानी; मंडराया गंभीर जल संकट
नागपुर में 11 EV चार्जिंग स्टेशन तैयार, ई-वाहन चालकों को बड़ी राहत; प्रदूषण घटाने की दिशा में पहल
खाद की आपूर्ति भी लक्ष्य से काफी कम
फसलों के पोषण के लिए बेहद जरूरी माने जाने वाले रासायनिक उर्वरकों की बात करें, तो चालू सीजन के लिए जिले को अब तक कुल 80,727 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई गई है। इसमें भी खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले यूरिया और डीएपी की उपलब्धता मांग के अनुपात में अपेक्षाकृत बहुत कम है। वर्तमान स्थिति के अनुसार, जिले के सरकारी व निजी गोदामों में केवल 10,014 मीट्रिक टन यूरिया और महज 7,166 मीट्रिक टन डीएपी ही उपलब्ध हो पाया है। कृषि विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि बीज और खाद की इस बेहद सीमित व कछुआ गति से हो रही उपलब्धता का सीधा नकारात्मक असर इस साल के कुल कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है।
समय पर आपूर्ति करना सबसे बड़ी चुनौती
अमरावती के जिला कृषि अधीक्षक राहुल सातपुते ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि, “आगामी खरीफ सीजन के लिए जिला कृषि विभाग तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है तथा विभिन्न फसलों के लिए बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने का नियोजन लगातार किया जा रहा है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऐन बुआई के वक्त किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में बीज और उर्वरक उपलब्ध कराना ही हमारे सामने सबसे बड़ी और मुख्य चुनौती होगी।”
यह भी पढे़ं:- मंच अमरावती का, गूंज गडकरी की! शिवाजी शिक्षण संस्था के अमृत महोत्सव में केंद्रीय मंत्री ने भरा जोश
मुख्य फसल वार मांग एवं उपलब्धता की स्थिति
कृषि विभाग के आंकड़ों के आधार पर प्रमुख फसलों के बीजों की मांग और वास्तविक उपलब्धता की सांख्यिकीय तालिका इस प्रकार है:
| फसल का नाम | कुल आवश्यकता / मांग | वास्तविक सरकारी उपलब्धता |
| सोयाबीन | 65,351 क्विंटल | 32,000 क्विंटल |
| कपास | 1.25 लाख पैकेट | 6,800 पैकेट |
| तुअर (दलहन) | 5,760 क्विंटल | 1,040 क्विंटल |
| मक्का | 7,072 क्विंटल | शून्य (भंडार उपलब्ध नहीं) |
प्रशासनिक स्तर पर अब यह प्रयास किए जा रहे हैं कि निजी डीलरों पर नकेल कसी जा सके, ताकि सरकारी बीजों की इस कमी का फायदा उठाकर बाजार में कालाबाजारी न होने पाए।
Amravati kharif season sowing target seeds shortage mahabeej fertilizer crisis 2026
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
कम वर्षा के अनुमान से दोबारा बुआई का संकट, बीज और खाद की कमी से किसानों की बढ़ी चिंता
Jun 02, 2026 | 12:07 PMKalyan Power Outage: कल्याण में 12 घंटे ब्लैकआउट से हाहाकार, बिजली पोल गिरने से ठप रही सप्लाई
Jun 02, 2026 | 12:07 PMनागपुर : पेंशन खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार है: रिटायर्ड कर्मचारी को राहत, हाई कोर्ट ने मनपा को लगाई फटकार
Jun 02, 2026 | 12:07 PMPriyanka Mohan: एक्ट्रेस को मिला बड़ा सम्मान, कोरिया पर्यटन की बनीं मानद राजदूत, फैंस के साथ शेयर की खुशी
Jun 02, 2026 | 12:02 PMवैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया होने वाली है एंट्री? चीफ सेलेक्टर अगरकर को मिला साफ संदेश, कहा- जो जरूरी हो वो…
Jun 02, 2026 | 12:01 PMसोशल मीडिया की नकली चमक और डेटिंग का नया ट्रेंड, क्या है ‘Puffer Fishing Trend’
Jun 02, 2026 | 11:57 AMउज्जैन में बड़ी कार्रवाई: एमडी ड्रग सप्लाई मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, बड़नगर पुलिस को मिली सफलता
Jun 02, 2026 | 11:56 AMवीडियो गैलरी

मंच पर खुलेआम डकैत को बताया दोस्त, बीजेपी विधायक के बयान से मचा हड़कंप, सरकार पर उठे सवाल, VIDEO वायरल
Jun 01, 2026 | 11:24 PM
कल तक घरों में करती थीं झाड़ू-पोछा, अब बनीं मंत्री, ₹2500 कमाने वाली कलिता की कहानी सुन भर आएंगी आंखें- VIDEO
Jun 01, 2026 | 11:10 PM
क्यों वायरल हो रहा है ‘कचौड़ी गली’? जानें इस फोक सॉन्ग का राज- VIDEO
Jun 01, 2026 | 11:05 PM
इंजीनियरिंग छोड़, वर्दी को चुना, जानें कौन हैं IPS राजीव कृष्ण? जो बनें उत्तर प्रदेश के नए DGP
Jun 01, 2026 | 10:06 PM
कालापानी, लिपुलेख के बीच PM बालेन शाह का विवादित बयान! क्या है ‘दसगजा’ बॉर्डर का पूरा गणित? VIDEO
Jun 01, 2026 | 07:34 PM
India-ओमान के बीच CEPA समझौता से अब किसे होगा ज्यादा फायदा? VIDEO
Jun 01, 2026 | 07:01 PM












