

Union Minister Nitin Gadkari On Education Society At Amrit Mahotsav In Amravati: शिवाजी शिक्षण संस्था शिक्षा के क्षेत्र में महान विचारक डॉ. पंजाबराव देशमुख के विचारों और सिद्धांतों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। संस्था द्वारा किए जा रहे इन महान कार्यों की सराहना जितनी भी की जाए, वह बेहद कम है।" यह गौरवपूर्ण प्रतिपादन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिवाजी शिक्षण संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख एवं कोषाध्यक्ष दिलीपबाबू इंगोले के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
रविवार को 'शिव परिवार' की ओर से शिवाजी नगर स्थित शिवाजी शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय के विशाल मैदान में इस भव्य समारोह का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता माननीय न्यायाधीश भूषण गवई ने की, जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित थे।
अपने विस्तृत संबोधन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख और कोषाध्यक्ष दिलीपबाबू इंगोले के कुशल व पारदर्शी नेतृत्व की जमकर प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान दोनों सम्मानित व्यक्तित्वों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं संगठनात्मक क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया तथा उनका भावभीना अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में हेमंत कालमेघ ने सारगर्भित प्रस्तावना प्रस्तुत की। मंच का सफल संचालन प्रा. डॉ. स्मिता देशमुख एवं उनके सहयोगियों द्वारा किया गया।
इस अमृत महोत्सव समारोह के दौरान मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा दिलीपबाबू इंगोले एवं हर्षवर्धन देशमुख के प्रेरणादायी जीवन सफर पर आधारित एक विशेष 'गौरव ग्रंथ' का विमोचन किया गया। इसके साथ ही दोनों के जीवन एवं सामाजिक कार्यों पर आधारित एक वृत्तचित्र (लघु फिल्म) भी उपस्थित जनसमुदाय के सामने प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर दोनों सत्कारमूर्तियों को आधिकारिक सम्मान-पत्र तथा सुगंधित फूलों की विशाल व भव्य मालाएं पहनाकर संस्था और नागरिकों की ओर से भावभीना सम्मानित किया गया।
इस ऐतिहासिक अमृत महोत्सव समारोह में अमरावती सहित समूचे संभाग के कई प्रमुख राजनेता, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक साक्षी बने। समारोह में उपस्थित प्रमुख चेहरों में:
इस अवसर पर शिवाजी शिक्षण संस्था से जुड़े सभी विभागों के पदाधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक, हजारों की संख्या में विद्यार्थी, स्थानीय जागरूक नागरिक एवं कई गणमान्य अतिथि भारी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने दोनों सत्कारमूर्तियों को दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।