अमरावती: 5.84 लाख का जुर्माना वसूला, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को बड़ी सफलता, 5700 ने छोड़ा तंबाकू
Amravati जिले में 2017 से चल रहे राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से 5,700 लोगों ने तंबाकू छोड़ा। 846 स्कूलों में जागरूकता अभियान और 14 परामर्श केंद्रों से 90,000 से अधिक लोगों को परामर्श मिला।
- Written By: पूजा सिंह
फाइल फोटो
Big Success For Tobacco Control Program: जिले में वर्ष 2017 से चल रहे राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को बड़ी सफलता मिली है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 5,700 लोगों ने तंबाकू का व्यसन पूरी तरह छोड़ा है। यह जानकारी जिला प्रशासन ने दी है। जिलाधिकारी आशीष येरेकर की अध्यक्षता में कार्यरत जिला समन्वय समिति के माध्यम से यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू के दुष्परिणामों को लेकर 846 स्कूलों में 1 लाख 48 हजार 558 विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। जनजागृति के लिए निबंध, चित्रकला, घोषवाक्य इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए जिला अस्पताल सहित तहसील स्तर पर 14 परामर्श केंद्र (काउंसलिंग सेंटर) कार्यरत हैं। वर्ष 2017 से अब तक इन केंद्रों के माध्यम से 90,328 लोगों को परामर्श दिया गया है। इसके साथ ही कोटपा कानून 2003 (COTPA Act 2003) के तहत जिले में कठोर कार्रवाई की जा रही है।
ये भी पढ़ें : मुंबई: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कई स्थानों पर ED ने की छापेमारी, 40 करोड़ के IPO घोटाले का खुलासा
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती यौन शोषण मामला: SIT ने 8 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, अश्लील VIDEO कांड में बढ़ेंगी मुश्किलें
भंडारा में 283 स्कूल बसों और वैनों की जांच, RTO को मिले कई नियम उल्लंघन
अमरावती में आरटीओ की सख्त कार्रवाई, 14 हजार से अधिक वाहन चालकों पर जुर्माना
अमरावती में बिना हेलमेट चालकों पर कार्रवाई शुरू, पहले दिन 5 हजार लोगों को दी समझाइश
3,664 लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई
2017 से अब तक सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान और कानून उल्लंघन करने वाले 3,664 लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई। इन कार्रवाइयों से 5 लाख 84 हजार 416 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्न एवं औषधि विभाग ने वर्ष 2018 से अब तक अवैध तंबाकू के खिलाफ 212 कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक मूल्य का माल जब्त किया। इस सफलता के लिए जिलाधिकारी आशीष येरेकर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और अन्न व औषधि विभाग के समन्वय को अहम माना जा रहा है।
