Accident News: अमरावती में चमत्कार! ऐसे एक पेड़ ने रोक ली 50 यात्रियों की मौत

Amravati के धारणी में मौत को मात देकर सुरक्षित निकले 50 यात्री! अनियंत्रित होकर तालाब की ओर जा रही बस पेड़ में जा फंसी। एक बड़े हादसे को कुदरत ने कैसे टाला, जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।
Amravati Bus Accident
अमरावती बस एक्सीडेंट (सौ. सोशल मीडिया )
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Amravati News In Hindi: अमरावती जिले की धारणी तहसील के अंतर्गत गोंडवाड़ी गांव के पास शुक्रवार की सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई। खंडवा से अमरावती की ओर जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई।

लेकिन किस्मत का साथ ऐसा रहा कि बस खाई या तालाब में गिरने के बजाय एक मजबूत पेड़ में जाकर अटक गई। इस घटना ने 50 यात्रियों को जीवनदान दिया है, अन्यथा यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।

तालाब के मुहाने पर फंसी बस

हादसा धारणी से लगभग सात किलोमीटर दूर खंडवा-अमरावती मार्ग पर हुआ। जानकारी के अनुसार, 'श्रीराम' बस रोजाना की तरह सुबह 7 बजे खंडवा से रवाना हुई थी। जैसे ही बस गोंडवाड़ी क्षेत्र के समीप स्थित एक तालाब के पास पहुंची, अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण बिगड़ गया। बस सड़क किनारे की ढलान पर फिसलने लगी। यदि वहां वह बड़ा पेड़ मौजूद नहीं होता, तो बस सीधे गहरे तालाब में समा जाती। पेड़ ने एक सुरक्षा कवच की तरह बस को थाम लिया और उसे पलटने से रोक दिया।

स्थानीय नागरिकों और प्रशासन ने दिखाया साहस

  • हादसे के तुरंत बाद जोर का धमाका और चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस के कांच और दरवाजे के जरिए यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
  • सूचना मिलते ही धारणी पुलिस, राजस्व प्रशासन और आपातकालीन सेवा दल की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। प्रशासन की मुस्तैदी और नागरिकों के सहयोग से आधे घंटे के भीतर सभी 50 यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।

मामूली चोटें, बड़ा अनर्थ टला

राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। कुछ यात्रियों को कांच टूटने या झटके के कारण मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।

घटना के चलते कुछ घंटों के लिए खंडवा-अमरावती मार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाकर पुनः सुचारु करवाया। यात्रियों ने भरभराई आंखों से उस पेड़ और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया, जिनकी वजह से आज वे अपने परिवार के पास सुरक्षित लौट पा रहे हैं।

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