अमरावती में कृषि सेवा केंद्र बंद, बीज-खाद विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल, खरीफ सीजन से पहले बड़ा झटका
Amravati Farmers: अमरावती में बीज, खाद और कीटनाशक विक्रेताओं ने लंबित मांगों और नियमों में बदलाव को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, जिससे खरीफ सीजन से पहले कई तहसीलों में कृषि सेवा केंद्र बंद रहे।
- Written By: आंचल लोखंडे
fertilizer dealers (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Amravati Fertilizer Dealers Strike: बीज, खाद और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर सोमवार, 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन बंद की शुरुआत की है। जिसके तहत अमरावती शहर सहित चांदुर रेलवे, धामणगांव रेलवे, दर्यापुर, अंजनगांवसुर्जी, धारणी, तिवसा, नांदगांव खंडेश्वर सहित अन्य तहसीलों में कृषि सेवा केंद्र पूरी तरह बंद रहे। कृषि सेवा केंद्र चालकों ने जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक बंद जारी रहेगा, ऐसी चेतावनी दी है।
5 वर्षों से नहीं हुई समस्याओं पर कार्रवाई
चांदुर रेलवे के कृषि निविष्ठा विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार, 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन बंद आंदोलन शुरू किया। महाराष्ट्र फर्टिलाइजर, सीड्स एंड पेस्टिसाइड्स डीलर्स एसोसिएशन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। संगठन का कहना है कि पिछले चार से पांच वर्षों से राज्य के कृषि मंत्री, प्रधान सचिव (कृषि), कृषि आयुक्त महाराष्ट्र तथा कृषि संचालक (निविष्ठा एवं गुणवत्ता नियंत्रण) पुणे के समक्ष लगातार समस्याएं रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि खाद आपूर्ति करने वाली कंपनियां दुकानदारों पर अन्य उत्पादों की जबरन लिंकिंग करती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही खाद बिक्री के लिए लागू किए गए नए नियमों में संशोधन कर एक किसान को 20 बैग तक खाद देने की अनुमति देने की मांग की गई है। विक्रेताओं का कहना है कि बीज, खाद या कीटनाशक के सैंपल फेल होने पर सीधे दुकानदारों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि वे केवल कंपनी या अधिकृत वितरकों से सीलबंद उत्पाद खरीदकर बेचते हैं। दुकानदारों को आरोपी बनाने के बजाय साक्षीदार माना जाना चाहिए। चांदुर रेलवे में भी सोमवार को सभी कृषि सेवा केंद्र बंद दिखाई दिए।
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धामणगांव रेलवे के सभी कृषि केंद्र रहे बंद
धामणगांव रेलवे (सं), महाराष्ट्र फर्टिलाइजर्स, पेस्टिसाइड्स एंड सीड्स डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हुई है। इसी कड़ी में धामणगांव रेलवे तहसील के सभी कृषि सेवा केंद्र पूर्णतः बंद रहे। खरीफ सीजन की दहलीज पर हुई इस हड़ताल से कृषि क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
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प्रशासन की अनदेखी बनी हड़ताल का कारण धामणगांव रेलवे तहसील कृषि साहित्य विक्रेता सेवा संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उन्होंने पहले ही तहसीलदार और तहसील कृषि अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। विक्रेताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उन ज्ञापनों पर कोई ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। बार-बार की अनदेखी के कारण अंततः विक्रेताओं को बेमुदत बंद जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा।।
