Akola News: अकोला में बढ़ेगी सर्कल की संख्या, निकाय चुनाव से पहले जिलाधिकारी ने सरकार को भेजे जनसंख्या के आंकड़े
महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनाव से पहले 2011 की जनगणना के आधार पर तहसीलवार जनसंख्या और अनुसूचित जाति-जनजाति के आंकड़ों का विवरण राज्य सरकार को भेजा गया है।
- Written By: आकाश मसने
अकाेला जिला परिषद कार्यालय (फोटो नवभारत)
अकोला: आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव के लिए जिला परिषद और पंचायत समितियों में सदस्य संख्या निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार के ग्राम विकास विभाग ने जिलाधिकारियों को ग्रामीण जनसंख्या के आंकड़े प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत 2011 की जनगणना के आधार पर तहसीलवार जनसंख्या और अनुसूचित जाति-जनजाति के आंकड़ों का विवरण राज्य सरकार को भेजा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी चुनाव में सर्कल और गणों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
जिला परिषद का कार्यकाल 16 जनवरी 2025 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित होना अपेक्षित था। लेकिन ओबीसी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया लंबित होने के कारण, जिला परिषद पर प्रशासक नियुक्त किया गया था।
हाल ही में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया। इसके अनुसार, चुनाव आयोग ने भी पुनः प्रभाग संरचना तय करने हेतु सरकार को निर्देश दिए हैं। ग्राम विकास विभाग ने जो जनसंख्या रिपोर्ट प्रस्तुत की है, उसके आधार पर अब प्रभाग रचना की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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वर्ष 2020 में हुए अकोला जिला परिषद चुनाव में कुल 53 सर्कल निर्धारित किए गए थे, जिसमें अनुसूचित जाति के 8, अनुसूचित जनजाति के 4, और ओबीसी के 14 आरक्षित स्थान थे। अब हिवरखेड क्षेत्र को नगर पंचायत घोषित किए जाने के कारण 52 सर्कल रह गए हैं। यदि सर्कल और गणों की संख्या बढ़ती है, तो आरक्षित सीटों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व मजबूत होगा।
विभाग के निर्देशों का इंतजार
पिछले तीन वर्षों से अकोला महानगरपालिका पर प्रशासक शासन है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार चार महीने के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं, और चुनाव आयोग ने पुनः प्रभाग रचना की स्पष्टता प्रदान की है। हालांकि, अभी तक नगर विकास विभाग ने जनसंख्या रिपोर्ट को लेकर कोई आधिकारिक पत्र मनपा को नहीं भेजा है, जिसके कारण मनपा प्रशासन चुनावी प्रक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।
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नगर विकास विभाग के निर्णय के बाद ही अकोला महानगरपालिका की चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकेगी।
