महाराष्ट्र निकाय चुनाव (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र में 29 मनपाओं के लिए होने वाले चुनाव से पहले महायुति के 68 नगरसेवक निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इसे लेकर विपक्षी दलों ने आक्रामक रवैया अपना लिया है।
उन्होंने इस जीत के पीछे दबाव व पैसे के खेल का आरोप लगाते हुए कोर्ट में जाने की बात कही है। वहीं मुंबई ग्राहक पंचायत ने कहा है कि चुनाव में कई लोग ‘नोटा’ का बटन दवाते हैं। अगर किसी वोटर को कोई भी उम्मीदवार पसंद न हो तो ऐसी स्थिति में वह ‘नोटा’ का बटन दबा सकता है।
ग्राहक पंचायत का कहना है कि बिना ‘नोटा‘ वोटिंग के उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी दलों की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने इन 68 निर्विरोध नगरसेवकों के चुनाव परिणाम पर फिलहाल रोक लगा दी है। आयोग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने विपक्षी उम्मीदवार की कथित रूप से चमकाने के मामले में फंसे विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को बर्खास्त करने की माग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के पास सिर्फ सदन के अंदर आदेश देने का अधिकार होता है।
वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए प्रचार नहीं कर सकते हैं और न ही चुनाव अधिकारी को आदेश दे सकते है। सरकारी काम में बाध डालने के लिए नार्वेकर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी 68 नगरसेवकों के निर्विरोध चुने जाने के बाद चुनाव आयोग की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर बात है कि राज्य की 68 सीटों पर बीजेपी और शिंदे गुट के शिवसेना उम्मीदवार बिना विरोध के चुने गए हैं।
सिब्बल ने अफसोस जताते हुए कहा कि चुनाव के नतीजे अब पैसे और राजनीतिक दबाव के दम पर तय किए जा रहे हैं, क्या इस तरह के हालात को लेकर चुनाव आयोग को कोई चिंता नहीं है? उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इतनी बड़ी संख्या में निर्विरोध चुने गए नगरसेवकों के बाद महाराष्ट्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निर्विरोध निर्वाचन को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को जमकर प्रहार किया, उन्होंने कहा अब विपक्ष की जनता का फैसला भी मान्य नहीं है। पहले ईवीएम, फिर वोट चोरी और अब जनता के फैसले का कठघरे में खड़ा किया जा रहा है, लेकिन उसे यह समझना होगा कि अगर निर्विरोध निर्वाचन को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी तो भी लोगों का फैसला यानी जनादेश ही स्वीकार किया जाएगा।
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राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने शनिवार को कहा था कि वह महायुति उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव को कोर्ट में चुनौती देगी। बंदपुर में एक रोड भी के दौरान फडणवीस ने कहा कि वे निश्चित रूप से कोर्ट जा सकते है, लेकिन लोगों की अदालत ने हमें चुना है। भले ही वे कोर्ट जाएं, लोगों का फैसला ही कोर्ट में माना जाएगा।