अकोला में जगन्नाथपुरी जैसी आस्था, ईसापुर में निकाली जाएगी भव्य रथयात्रा, महाराष्ट्रभर से जुटेंगे श्रद्धालु
Jagannath Temple Rath Yatra: ईसापुर गांव में स्थित श्री Jagannath Dham अब विदर्भ और महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना। 30 जून को स्नान,16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा।
जगन्नाथ रथ यात्रा (सोर्सः सोशल मीडिया)
Isapur Jagannath Dham Spiritual Center Of Vidarbha: अकोला जिले के तेल्हारा तहसील के समीप स्थित ईसापुर गांव में स्थापित श्री जगन्नाथ धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। मंदिर के संस्थापक एवं ट्रस्टी गोपाल रेलकर द्वारा स्थापित यह धाम विदर्भ ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के भक्तों को आकर्षित कर रहा है। नागपुर, पुणे, मुंबई, कोल्हापुर सहित विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ को समस्त सृष्टि का पालनकर्ता माना जाता है और पुरी स्थित मूल जगन्नाथ धाम हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में शामिल है। इसी श्रद्धा के कारण ईसापुर का यह मंदिर भी भक्तों के बीच विशेष महत्व प्राप्त कर चुका है।
कैसे हुआ इस भव्य मंदिर का स्थापना
मंदिर के ट्रस्टी गोपाल रेलकर के अनुसार वर्ष 2022 में प्राप्त दिव्य स्वप्न के बाद उन्होंने इस धाम की स्थापना का संकल्प लिया। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा और सुदर्शन की चतुर्धा मूर्तियों का स्वरूप विशेष धार्मिक प्रक्रिया और वैदिक मंत्रोच्चार के माध्यम से ईसापुर में ही प्रकट हुआ। मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा 1 जुलाई 2022 को भव्य यज्ञ, वैदिक अनुष्ठान और धार्मिक विधियों के साथ संपन्न हुई थी।
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इस अवसर पर पुरी से आए 11 विद्वान ब्राह्मणों ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्राणप्रतिष्ठा संपन्न कराई। मंदिर परिसर में वर्षभर भजन, कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे यहां का वातावरण सदैव भक्तिमय बना रहता है।
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भक्ति और आध्यात्मिक शांति बना का केंद्र
मंदिर में आगामी 30 जून को भगवान जगन्नाथ की पवित्र स्नान यात्रा आयोजित की जाएगी, जबकि 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इन धार्मिक आयोजनों में विदर्भ सहित महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मंदिर प्रशासन ने भक्तों से इन आयोजनों में भाग लेकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। गोपाल रेलकर ने कहा कि ईसापुर स्थित श्री Jagannath Dham श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक शांति का केंद्र बन चुका है तथा यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को भगवान जगन्नाथ की कृपा और दिव्य अनुभूति प्राप्त होती है।
