आखिरी पड़ाव पर पहुंची लाडली बहनों की जांच, जल्द राज्य सरकार को सौंपी जाएंगी रिपोर्ट

महाराष्ट्र सरकार के द्वारा राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना की शुरुआत की गई थी। अब इस योजना में फर्जीवाड़े की खबर सामने आ रही है।
लाड़की बहन योजना
(डिजाइन फोटो)
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Akola News In Hindi: मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के अंतर्गत जिले की 6,125 लाभार्थी महिलाओं का अनुदान फिलहाल रोक दिया गया है।इनमें वे महिलाएं शामिल हैं जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम या 65 वर्ष से अधिक है।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा इन लाभार्थियों के दस्तावेजों, परिवार के राशन कार्ड आदि की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।सूत्रों के अनुसार, इस जांच की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

महायुति सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव से पूर्व शुरू की गई यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से लागू की गई थी। हालांकि, लाडली बहन योजना के क्रियान्वयन में कई अपात्र लाभार्थियों द्वारा लाभ लेने के मामले सामने आए हैं। कुछ मामलों में पुरुषों द्वारा भी योजना का लाभ उठाने की जानकारी मिली है, जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।

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फर्जीवाड़े की खबर आयी सामने

जांच में यह भी सामने आया है कि कई लाभार्थियों ने गलत उम्र दर्ज की, सरकारी सेवा में रहते हुए लाभ लिया, या अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर अनुदान प्राप्त किया।इन सभी मामलों की पुष्टि के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी गिरीश पुसदकर ने बताया कि जांच कार्य अंतिम चरण में है और रिपोर्ट तैयार होते ही सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।

आपको बता दें कि लाडली बहन योजना में फर्जीवाड़े की खबर सामने आयी थी। जिसके अनुसार महाराष्ट्र में कई पुरुषों ने महिलाओं के लिए लागू की इस योजना का लाभ उठाया है। जिसको लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।

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