अकोला में खुले भूखंडों पर मनमाने विकास कार्य, नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा विवाद
Akola open plot dispute: अकोला में खुले भूखंडों पर बिना अनुमति हो रहे विकास कार्यों से विवाद बढ़ा। मनपा और सार्वजनिक निर्माण विभाग पर लापरवाही के आरोप किए जा रहे है।
- Written By: आंचल लोखंडे
खुले भूखंडों पर मनमाने विकास कार्य,नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा विवाद (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Akola News: अकोला शहर में खुले भूखंडों पर विकास कार्यों की होड़ तो दिखाई दे रही है, लेकिन ये कार्य नियमानुसार हो रहे हैं या नहीं, इस पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। ना तो महानगरपालिका और ना ही सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग इस गंभीर स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे ठेकेदार केवल राजनीतिक मर्जी के अनुसार काम कर रहे हैं।
मनपा का निर्माण कार्य विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग की ओर उंगली उठा रहा है। मनपा क्षेत्र में सैकड़ों भूखंड उसकी मालकी के हैं, लेकिन कितने भूखंड वास्तव में मनपा के नाम दर्ज हैं, यह स्पष्ट नहीं है। कई भूखंडों पर निजी संस्थाओं ने कब्जा कर लिया है।
एनओसी लिए बिना निर्माण कार्य
इन भूखंडों का उपयोग वोट बैंक बनाए रखने के लिए किया जा रहा है, जहां समाज मंदिर, व्यायाम शालाएं, ओपन स्पेस सौंदर्याकरण और परिसर की दीवारें खड़ी की जा रही हैं। इन कार्यों को सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन मनपा से एनओसी लिए बिना निर्माण कार्य हो रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
अकोला-अकोट मार्ग पर दुर्घटना में हुई 2 युवकों की मौत, कलेक्टर को सौंपा निवेदन
अकोला जिला महिला अस्पताल में हंगामा; जुड़वां नवजातों की मौत से प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
अकोला मनपा की सामान्य सभा में हंगामा, 4.35 करोड़ के भुगतान प्रस्ताव को मंजूरी
दो युवकों की मौत पर अकोला में शिवसेना का आक्रोश, ठेकेदार पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
ये भी पढ़े: Akola: 6,901 किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद, सरकार ने किया 4.93 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर
विवादास्पद मामलों में वृद्धि की आशंका
नियमानुसार, मनपा की जमीन पर विकास कार्य करते समय नगर रचना विभाग से नक्शा स्वीकृत कराना आवश्यक होता है, लेकिन संबंधित अभियंता और ठेकेदार कोई प्रक्रिया नहीं अपना रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि निर्माण कार्य मनमानी तरीके से किए जा रहे हैं। इस मनमानी निर्माण के कारण नागरिकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कई भूखंडों पर बिना अनुमति निर्माण कार्य होने से मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंच रहा है और विवादास्पद मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
