मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis Vidhansabha Speech: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति का रोडमैप पेश किया, बल्कि पिछली उद्धव ठाकरे सरकार के फैसलों को याद दिलाते हुए वर्तमान महायुति सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा भी सदन के सामने रखा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने भाषण की शुरुआत में ही विपक्षी दलों को ‘भ्रमित’ करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीति के लिए विरोध कर रहा है। मेरा सुझाव है कि वे भ्रम की स्थिति से बाहर निकलें और महाराष्ट्र के हित में सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमने विपक्ष को काली चाय नहीं, बल्कि गोकुल दूध की चाय पिलाई होती, लेकिन उन्होंने चायपान का भी बहिष्कार कर राजनीति शुरू कर दी।
स्कूलों में हिंदी भाषा की अनिवार्यता और मराठी स्कूलों की स्थिति पर फडणवीस ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के लिए 21 सितंबर 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक समिति बनाई थी, जिसमें विजय कदम जैसे नेता भी शामिल थे। इसी समिति ने सिफारिश की थी कि पहली से 12वीं तक हिंदी और अंग्रेजी भाषा अनिवार्य होनी चाहिए।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस कमेटी में 16 लोग मराठी थे। इस कमेटी ने उद्धव ठाकरे को एक रिपोर्ट सौंपी। उद्धवजी ने इसे लागू करने का निर्देश दिया। 15 सितंबर, 2021 को खबर आई थी। इस सिफारिश के अनुसार, बदलते समय में महाराष्ट्र को एजुकेशनल तरक्की के रास्ते पर बनाए रखने के लिए ये सिफारिशें जरूरी हैं।
The approval to impose Hindi was given by Uddhav Thackeray; in our government, the only compulsion is for Marathi! हिंदी सक्ती करण्याची मान्यता उद्धव ठाकरेंनी दिली, आमच्या राज्यात सक्ती फक्त मराठीचीच! (विधानसभा, मुंबई | दि. 26 फेब्रुवारी 2026)#Maharashtra #Mumbai… pic.twitter.com/JNgfK6wBCL — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 26, 2026
इस सिफारिश में कहा गया है कि पहले साल से इंग्लिश और हिंदी को दूसरी भाषा के तौर पर लागू किया जाना चाहिए। क्लास 1 से 12 तक इंग्लिश पढ़ाई जाएगी, हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में मराठी को प्राथमिकता देनी होगी। लेकिन फडणवीस ने यह भी बताया कि क्लास 1 से 12 तक इंग्लिश और हिंदी को जरूरी किया जाना चाहिए। मैं जयंत पाटिल से पूछता हूं, क्या कैबिनेट रिपोर्ट मानेगी? रिपोर्ट 14 सितंबर, 2021 को जमा की गई थी। इसे 20 सितंबर को कैबिनेट में रखा गया था। मैं इसके मिनट्स लाया हूं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने माशेलकर कमेटी की रिपोर्ट पढ़ी। साथ ही कहा कि “इस पर किसके साइन हैं? आदित्य जी बताएंगे, है ना?” मुख्यमंत्री ने यह कहकर विपक्ष को दुविधा में डाल दिया कि कोई भी मंत्री बन सकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री होता है, तो मंत्रियों का कोई अस्तित्व नहीं होता।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में 84% स्कूल मराठी माध्यम के हैं और मराठी भाषा अनिवार्य बनी रहेगी। उन्होंने मराठी स्कूल बंद होने की खबरों को पूरी तरह कपोलकल्पित बताया।
दावोस दौरे पर हुए खर्च और समझौतों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस कोई पर्यटन स्थल नहीं बल्कि ‘सीरियस बिजनेस’ की जगह है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 39% FDI (विदेशी निवेश) आ रहा है, जो देश में सबसे अधिक है। दावोस में हुए 75% समझौतों का कार्यान्वयन हो रहा है, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 35% है।
गड़चिरोली का कायाकल्प: नक्सल प्रभावित गड़चिरोली में 2.68 लाख करोड़ का निवेश हो रहा है, जो इसे देश का ‘स्टील हब’ बनाएगा। यहां 90% रोजगार स्थानीय आदिवासियों और दलितों को मिला है।
फडणवीस ने दावा किया कि देश का स्टार्टअप हब अब बेंगलुरु या हैदराबाद नहीं, बल्कि महाराष्ट्र बन चुका है। देश के कुल यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में से 28 अकेले महाराष्ट्र में हैं। उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र को स्टार्टअप कैपिटल के तौर पर देख सकते हैं। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने घोषणा की कि महायुति सरकार ने अब तक 1.20 लाख से ज्यादा नियुक्तियां दी हैं और यह आंकड़ा जल्द ही 1.5 लाख तक पहुंच जाएगा।
Maharashtra is the startup hub of the country. देशाचे स्टार्टअप हब महाराष्ट्र आहे. (विधानसभा, मुंबई | दि. 26 फेब्रुवारी 2026)#Maharashtra #Mumbai #MahaBudget2026 pic.twitter.com/LAEsluYB4B — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 26, 2026
उत्तर प्रदेश के कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए फडणवीस ने कहा कि हम नासिक कुंभ के जरिए महाराष्ट्र की वैश्विक ब्रांडिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने का जरिया है। इससे सड़कों का चौड़ीकरण और एयरपोर्ट जैसे विकास कार्य होंगे।
Through Nashik Kumbh Mela, we aim to brand Maharashtra on the global stage. नाशिक कुंभ मेळ्याच्या माध्यमातून जगात महाराष्ट्राचे ब्रॅण्डिंग करायचे आहे. (विधानसभा, मुंबई | दि. 26 फेब्रुवारी 2026)#Maharashtra #Mumbai #MahaBudget2026 pic.twitter.com/hXxJhyQdVl — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 26, 2026
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एसीबी (ACB) की कार्रवाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार सख्त है। उन्होंने कहा, “एसीबी को किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। अगर मेरे कार्यालय में भी कोई पैसे मांगता है, तो एसीबी वहां भी छापा मार सकती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह जंग जारी रहेगी।”
मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पिछले 10 वर्षों में 3 गुना बढ़ चुकी है। 2012-13 में जो अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ की थी, वह अब 51 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि 2047 तक महाराष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ‘विज़न 2047’ पर काम शुरू हो चुका है।