अकोट में BJP-AIMIM का गठबंधन टूटा, विधायक प्रकाश भारसाकले पर भाजपा आलाकमान ने चलाया डंडा!

Akola News: अकोट नगर परिषद में बहुमत के लिए बना भाजपा-AIMIM गठबंधन तीखी आलोचना और कार्रवाई की चेतावनी के बाद टूट गया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने विधायक प्रकाश भारसाकले को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
akot nagar parishad bjp aimim Alliance broken MLA prakash bharsakale notice
भाजपा विधायक प्रकाश भारसाकले व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

BJP AIMIM Alliance News: अकोट में विकास के नाम पर गठित अकोट विकास मंच में एमआईएम सहित विभिन्न दलों के निर्वाचित नगरसेवकों को साथ लेकर भाजपा ने सत्ता स्थापना की थी। लेकिन इस अभद्र गठबंधन पर चारों ओर से हुई तीव्र आलोचना के चलते यह गठबंधन टूट गया। एमआईएम के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद युसूफ मोहम्मद शफी पुंजानी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि भाजपा को समर्थन दिया गया तो एमआईएम नगरसेवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इसी कारण अकोट का यह गठबंधन समाप्त हो गया। इस बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने अकोट के विधायक प्रकाश भारसाकले को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

अकोट नगर परिषद में भाजपा की नगराध्यक्ष तो चुनी गईं, लेकिन बहुमत न होने से अन्य नगरसेवकों का समर्थन जुटाना पड़ा। भाजपा ने एमआईएम के 5 नगरसेवकों को अकोट विकास मंच में शामिल किया था। लेकिन वरिष्ठ पदाधिकारियों को विश्वास में लिए बिना एमआईएम नगरसेवकों ने भाजपा को समर्थन दिया। इस पर एमआईएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि समर्थन देने वाले नगरसेवकों को पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। परिणाम स्वरूप एमआईएम के पांच नगरसेवक सत्ता से बाहर हो गए। भाजपा के 11 नगरसेवकों के अलावा अन्य दलों ने यदि आपसी गठबंधन किया तो नगरपरिषद में नई राजनीतिक हलचल तेज हो सकती है।

कौन-कौन था गठबंधन में शामिल?

अकोट नगर परिषद में भाजपा-एआईएमआईएम गठबंधन ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी। बहुमत के लिए भाजपा ने अकोट विकास मंच बनाया। इसमें भाजपा के बाद सबसे अधिक सीटें जीतने वाला एमआईएम, शिंदे गुट की शिवसेना, ठाकरे गुट की शिवसेना, अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी शामिल हुई थी। इस नए गठबंधन का पंजीयन अकोला जिलाधिकारी कार्यालय में किया गया था।

अकोट नगरपरिषद में घटनाक्रम

अकोट नगर परिषद में भाजपा ने सत्ता के लिए एमआईएम को साथ लिया और अकोट विकास मंच बनाया। भाजपा नगरसेवक रवि ठाकुर को इस गठबंधन का गुटनेता बनाया गया। इस गठबंधन के सभी नगरसेवकों को भाजपा का व्हिप मानना अनिवार्य था। 13 जनवरी को होने वाली उपनगराध्यक्ष और स्वीकृत सदस्य की चुनाव प्रक्रिया में यह गठबंधन संयुक्त रूप से मतदान करने वाला था। अकोट में भाजपा की माया धुले नगराध्यक्ष चुनी गईं, लेकिन 35 सदस्यीय परिषद में भाजपा को बहुमत नहीं मिला। भाजपा को 11 सीटें मिलीं, जबकि एमआईएम को 5 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए भाजपा ने एमआईएम से हाथ मिलाया था।

विधायक भारसाकले को नोटिस

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विधायक प्रकाश भारसाकले को नोटिस जारी कर कहा कि एमआईएम के साथ गठबंधन कर आपने भाजपा की नीति और ध्येय को नुकसान पहुंचाया है। बिना किसी को विश्वास में लिए इस कदम से पार्टी की छवि धूमिल हुई है। इस पर आप पर कार्रवाई क्यों न की जाए, इसका स्पष्टीकरण तुरंत दें।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com