Akola water shortage issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Water Supply Meeting: अकोला शहर में गंदे पानी की आपूर्ति और कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी को लेकर नगरसेवकों और नागरिकों से मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र मंगलवार को स्थायी समिति सभापति विजय अग्रवाल की अध्यक्षता में नगर निगम के स्थायी समिति सभागृह में जलापूर्ति विभाग की समीक्षा और नियोजन बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापौरशारदा खेडकर, डिप्टी मेयर अमोल गोगे और सदन के नेता पवन महल्ले विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में स्थायी समिति सभापति ने नगर निगम के जलापूर्ति विभाग के अंतर्गत चल रहे कार्यों और लंबित योजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अकोला शहर में नियमित और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनसंख्या के आधार पर एक विस्तृत मानचित्र तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मानचित्र के आधार पर अभियंता, फिटर और वाल्वमैन की नियुक्ति की जाए, ताकि कार्यों का विभाजन व्यवस्थित तरीके से हो सके और पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से संचालित की जा सके।
शहर में वर्तमान में पानी की आपूर्ति में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि जलापूर्ति का पूरा शेड्यूल पुनर्गठित (Reschedule) किया जाए और पानी की आपूर्ति का एक दिन बढ़ाया जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में समान और व्यवस्थित तरीके से पानी उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में मौजूद प्लॉटों और वास्तविक घरों की संख्या का सर्वेक्षण कर उनकी पानी की आवश्यकता का आकलन किया जाए और उसी के आधार पर विस्तृत मैपिंग की जाए।
अग्रवाल ने बताया कि शहर के लगातार विस्तार को देखते हुए AMRUT 2.0 के अंतर्गत अकोला वृद्धि जलापूर्ति योजना पहले ही मंजूर हो चुकी है। अगले ढाई से तीन वर्षों में शहर को नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है। हालांकि तब तक तात्कालिक उपाय योजनाओं के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुचारु बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक में उन्होंने जलकुंभों में पानी की बर्बादी रोकने, अतिरिक्त पानी जाने वाले क्षेत्रों की जांच करने, जलकुंभों में जमा गाद की सफाई कराने और मलनिस्सारण योजना के तहत अधूरे सड़क कार्यों को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अवैध नल कनेक्शनों की जांच के लिए निविदा जारी कर ठेकेदार नियुक्त करने और सभी नल कनेक्शनों को नियमबद्ध करने की आवश्यकता भी बताई गई।
शहर के सीमा विस्तार क्षेत्रों जैसे मलकापुर, बड़ी उमरी और गुडधी में नई पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जलकुंभों पर ड्यूटी रूम की व्यवस्था करने और जिन स्थानों पर नलों में टोटियां नहीं हैं, वहां नागरिकों से टोटियां लगाने की अपील की गई। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि नागरिक नलों में टोटियां नहीं लगाते हैं, तो उनके नल कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार कर उसके अनुसार ड्राइंग और बजट प्रस्तुत किया जाए तथा तात्कालिक उपाय योजनाएं लागू की जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में शहर को नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है और इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में शहर अभियंता नीला वंजारी, कार्यकारी अभियंता अमोल डोईफोडे, उप अभियंता नरेश बावणे और शैलेश चोपड़े सहित कनिष्ठ अभियंता संदीप चिमणकर, अक्षय वाईन देशकर, अभिषेक गई, निवृत्ति दातकर, तुषार टिकाईट, रामेश्वर दोड तथा विभागीय फिटर उपस्थित रहे।