अकोला में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों की कमी, हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट
Free Textbook Scheme: अकोला जिले में राज्य सरकार की निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना के तहत आवश्यक संख्या से कम किताबें पहुंचने के कारण हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
School Textbooks (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Akola Education News: राज्य सरकार की निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना के तहत अकोला जिले में आवश्यक संख्या से कम पाठ्यपुस्तकें प्राप्त होने का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के विद्यार्थियों के लिए जितनी पुस्तकों की आवश्यकता है, उसके मुकाबले केवल लगभग 80 प्रतिशत पाठ्यपुस्तकें ही उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही हजारों विद्यार्थियों को किताबों के अभाव का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक वर्ष शुरू होते ही प्रत्येक विद्यार्थी के हाथ में समय पर पाठ्यपुस्तक पहुंचाना है, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के प्रारंभ हो सके। हालांकि इस वर्ष पाठ्यपुस्तकों की कमी के कारण अनेक विद्यार्थियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
निःशुल्क पुस्तक योजना अधूरी
विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बाजार से किताबें खरीदना आसान नहीं है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इस विषय को लेकर पहले ही भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष मनीष गावंडे ने सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था।
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अधिकारियों पर भ्रामक रिपोर्ट देने की बात
उन्होंने जिले में पाठ्यपुस्तकों की संभावित कमी की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी तथा समय रहते पर्याप्त पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की थी।अधिकारियों पर भ्रामक रिपोर्ट देने का आरोपमनीष गावंडे ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा सरकार को वास्तविक स्थिति से अलग और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई, जिसके कारण समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
