अकोला में बेमौसम बारिश से 308 किसानों को नुकसान, 34.89 लाख सहायता प्रस्ताव भेजा गया
Crop Loss Compensation: अकोला जिले में अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश से प्रभावित 204 हेक्टेयर फसलों के लिए जिला प्रशासन ने 34 लाख 89 हजार रुपये की शासकीय सहायता का प्रस्ताव विभागीय आयुक्त को भेजा है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Akola Unseasonal Rain Crop Damage Assessment Report: अकोला जिले में अप्रैल माह में हुई बेमौसम बारिश से 308 किसानों की 204 हेक्टेयर भूमि पर फसलों का भारी नुकसान हुआ है। कृषि, राजस्व और ग्राम विकास विभाग द्वारा किए गए संयुक्त पंचनामे के अनुसार, 34 लाख 89 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने मंगलवार, 26 मई को विभागीय आयुक्त को प्रस्तुत किया है। इस नुकसान में 203 हेक्टेयर पर बागायती फसलें और 1 हेक्टेयर पर फलों की फसलें प्रभावित हुई हैं।
मुख्य रूप से गेहूं, प्याज, ज्वार, सब्जियां और मूंग की फसलें इस बेमौसम बारिश की चपेट में आईं। जिले में खरीफ मौसम में इस वर्ष वर्षा औसत से अधिक हुई थी, लेकिन रबी मौसम के अंतिम चरण में बेमौसम बारिश होने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। आगामी खरीफ मौसम की तैयारियों के बीच रबी फसलों के इस नुकसान ने किसानों की आर्थिक कठिनाइयां और अधिक बढ़ा दी हैं। अब किसानों को शासन से त्वरित आर्थिक मदद की बड़ी उम्मीद है।
अकोला जिले में प्याज, चिया, गेहूं, ज्वार, नींबू, आम, चना और सब्जियों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। खरीफ की बुआई से पूर्व यदि यह सहायता उपलब्ध हो जाए, तो किसानों को बहुत राहत मिलेगी।
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मार्च माह का प्रस्ताव अब तक लंबित
इससे पूर्व, मार्च माह में हुई बेमौसम बारिश से जिले के 97 गांवों के 1,076 किसानों की 975.31 हेक्टेयर भूमि पर फसलों का भारी नुकसान हुआ था। इसमें 76 गांवों के 1,413 बागायती किसानों की 912.46 हेक्टेयर भूमि और 21 गांवों के 63 किसानों की 62.85 हेक्टेयर पर लगी फल फसलें प्रभावित हुई थीं। इसके लिए 1 करोड़ 69 लाख 26 हजार रुपये की सहायता का विस्तृत प्रस्ताव जिला प्रशासन ने 30 अप्रैल 2026 को ही शासन को भेजा था, जो प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक मंजूर नहीं हुआ है।
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सरकार किसानों को तुरंत भरपाई दे: हेमंत देशमुख
इस संबंध में स्थानीय प्रगतिशील किसान तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हेमंत देशमुख से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि सरकार का यह परम कर्तव्य है कि वह संकटग्रस्त किसानों को तुरंत नुकसान भरपाई प्रदान करे। मार्च और अप्रैल दोनों माह की नुकसान भरपाई एक साथ किसानों के खातों में जमा की जानी चाहिए।
सरकार को हर हाल में जून माह के पहले सप्ताह तक यह नुकसान भरपाई मंजूर कर लेनी चाहिए, क्योंकि अब किसानों की खरीफ फसलों की बुआई का समय बेहद करीब आ रहा है। इसलिए सरकार ने इस गंभीर स्थिति की ओर संवेदनशीलता से ध्यान देते हुए तत्काल नुकसान भरपाई मंजूर करनी चाहिए।
