डीजल किल्लत और बढ़ती लागत के बीच खरीफ सीजन के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे किसान

Amravati Diesel Shortage News: अमरावती में 45 डिग्री से अधिक तापमान और भीषण गर्मी के बावजूद किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। खेतों की जुताई, खाद डालने और बुवाई पूर्व कार्य तेज हो गए।
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Amravati farmers (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Amravati Farmers News: मई महीने की तपती धूप और भीषण गर्मी से जहां आम नागरिक बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर देश का अन्नदाता आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए खेतों में पसीना बहा रहे हैं। तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाने के बावजूद किसान ट्रैक्टरों की मदद से खेतों की जुताई और अन्य मशागत के कामों में व्यस्त हैं। जल्द ही मृग नक्षत्र की शुरुआत होने वाली है, जिसके कारण बुवाई से पहले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। सही समय पर बारिश होने पर बुवाई में कोई देरी न हो, इसके लिए किसान सुबह तड़के से लेकर देर रात तक खेतों में मेहनत कर रहे हैं।

इस समय ट्रैक्टरों की मांग इतनी बढ़ गई है कि किसानों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। फोटोकिसानचुनौतियों से घिरा किसानप्राकृतिक आपदा हो या आयातनिर्यात की गलत नीतियां, किसी भी संकट की पहली मार किसानों पर ही पड़ती है। पिछले खरीफ सीजन में भारी बारिश के कारण सोयाबीन और कपास की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था।

मृग नक्षत्र से पहले खरीफ तैयारियां तेज

सोयाबीन के दाम बेहद कम मिले, वहीं दूसरी ओर रबी सीजन के दौरान खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों के चलते औद्योगिक उत्पादों की कीमतें आसमान छू गईं। इसके विपरीत, किसानों की उपज के दाम औंधे मुंह गिर गए, जिससे किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। डीजल की किल्लतअब बुआई के ठीक पहले डीजल की कमी के कारण किसानों को अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। फिलहाल खेतों में जुताई, वखरनी मिट्टी को समतल करना और खाद डालने जैसे काम जोरों पर हैं। जिन किसानों के पास पानी की उपलब्धता है, वे कपास की अगेती बुआई की तैयारी कर रहे हैं।

45 डिग्री तापमान में खेतों की जुताई

कपास, मक्का, अरहर, मूंग और उड़द जैसी फसलों के लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है। किल्लत के डर से एडवांस में खरीदारीइस बीच किसानों ने बीज, रासायनिक खाद और कीटनाशकों की खरीदारी भी शुरू कर दी है। बुआई के समय खाद और बीजों की किल्लत किल्लत न हो जाए, इस डर से कई किसान अभी से इनका स्टॉक जमा कर रहे हैं।

ईंधन की बढ़ती कीमतें, खादों के बढ़ते दाम और खेती की बढ़ती लागत ने किसानों को आर्थिक तंगी में डाल दिया है। इसके बावजूद, एक अच्छी बारिश की उम्मीद में किसान खरीफ सीजन को सफल बनाने के लिए दिनरात मेहनत कर रहे हैं।

कर्जमाफी का इंतजार

राज्य सरकार ने खरीफ सीजन से पहले कर्जमाफी देने की घोषणा की थी। हालांकि, सीजन बिल्कुल सिर पर आ गया है, लेकिन अब तक किसानों को इस कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सका है। इसके चलते बुआई से ठीक पहले किसान अभी भी इंतजार की स्थिति में हैं।

मृग बहार के लिए संतरा उत्पादक किसान तैयार

अत्यधिक तापमान को देखते हुए संतरा उत्पादकों ने 15 मई से ही मृग बहार के लिए संतरा के पेड़ों को पानी देना बंद कर दिया है। इसके साथ ही संतरा बागानों में खरपतवार हटाना, डवरनी, जुताई और सूखी टहनियों की छंटाई सल तोड़ना जैसे काम पूरे कर लिए गए हैं, ताकि बारिश के आगमन से पहले बाग पूरी तरह तैयार रहें।

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