अकोट में घर में लगी आग (सौजन्य-नवभारत)
Telhara Fire Accident: अकोट संभाग के तेल्हारा तहसील के अडगांव बु. में गुरुवार देर रात भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्य रत्ना चव्हाण (55), पुत्र अनिल चव्हाण (27) और नातिनी स्वरा सोलंके (6) की मौत हो गई। यह परिवार शेख इब्राहीम के घर में किराए पर रह रहा था। शाम सात बजे अचानक आग भड़क उठी और घर में रखे डीज़ल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग ने विकराल रूप धारण किया।
गंभीर रूप से झुलसे तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन स्वरा और अनिल की मौत उपचार के दौरान हो गई। रत्ना चव्हाण को अकोला के सर्वोपचार अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उनकी भी मौत हो गयी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर में रखे डीज़ल के ड्रम ने आग को और भयानक बना दिया।
ग्रामस्थों ने गैस सिलेंडर नदी में फेंककर बड़ा अनर्थ टाल दिया। फॉरेन्सिक टीम घटना स्थल पर पहुंची और नमूने जुटाए। अकोट अग्निशमन विभाग ने आग पर नियंत्रण पाया। ग्राम पंचायत और नागरिकों के त्वरित प्रयास से आग अन्य घरों तक फैलने से रोकी गई। मामले की जांच हिवरखेड पुलिस कर रही है।
गंभीर रूप से झुलसे लोगों को गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे उन्हें अकोट अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां समय की देरी के कारण दो लोगों की मौत हो गई। अचानक लगी आग को बुझाने के लिए गांव के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, इसी तरह ग्राम पंचायत ने तुरंत जलापूर्ति शुरू की जिसके कारण आग बुझाने में काफी मदद हुई।
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इसके बाद तेल्हारा व अकोट से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां यहां पहुंच गयी थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ निखिल पाटिल, तहसीलदार महेश रामगुंडे, थानेदार गजानन राठोड़, पीएसआई गिलबिले, तलाठी देशमुख, पुलिस पाटिल हागे घटना स्थल पर पहुंचे।
रत्ना चव्हाण का मायका अकोट तहसील के चंडिकापुर में है। तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को वहीं किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे और हर किसी की आंखें नम थीं। इस हादसे ने पूरे गांव को शोकाकुल कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि यदि ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण न किया गया होता तो इतनी बड़ी त्रासदी टल सकती थी। प्रशासन ने पंचनामा शुरू कर दिया है और जांच जारी है।