16 सीटों पर घमासान, नासिक में स्थायी समिति चुनाव बना BJP के लिए सबसे बड़ी चुनौती
Nashik Civic Politics:नासिक नगर निगम की स्थायी समिति के 16 सदस्यों के चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज है। बहुमत के बावजूद भाजपा के भीतर गुटबाजी से चयन प्रक्रिया जटिल बन गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Standing Committee Election: नासिक महापौर और उपमहापौर के चुनाव के बाद अब नगर निगम की राजनीति का केंद्र ‘स्थायी समिति’ का चुनाव बन गया है। सोमवार, 16 फरवरी को होने वाले इस चुनाव में कुल 16 सदस्यों का चयन किया जाएगा। नगर निगम के आर्थिक कामकाज पर नियंत्रण रखने वाली और तिजोरी की चाबी मानी जाने वाली इस समिति को लेकर सभी दलों ने अपनी बिसात बिछा दी है।
विशेष रूप से सत्ताधारी भाजपा के लिए इस बार चयन प्रक्रिया ‘सिरदर्द’ साबित हो रही है। 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा के पास बहुमत (9 सीटें) रहने की संभावना है। पार्टी के भीतर इस समय दो गुटों के बीच चर्चा गर्म है।
पहली तरफ कांग्रेस से आए शाहू खैरे, ठाकरे गुट से आए सुधाकर बडगुजर, मनसे से आए दिनकर पाटिल और निर्दलीय गुरुमित बग्गा जैसे कद्दावर नेता स्थायी समिति में जगह पाने की रेस में हैं। दूसरी ओर, पार्टी के वे कार्यकर्ता जो वर्षों से भाजपा का झंडा बुलंद कर रहे हैं, उनका मानना है कि अब अवसर उन्हें मिलना चाहिए।
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आर्थिक मोर्चे पर कौन होगा तैनात ?
नगर निगम की इस सबसे ताकतवर समिति का सदस्य बनना हर पार्षद का सपना होता है क्योंकि बजट से लेकर विकास कार्यों के टेंडर तक, सब यहीं से मंजूर होते हैं।
भाजपा सूत्रों की माने तो पार्टी नेतृत्व बीच का रास्ता निकाल सकता है, जिसमें कुछ बड़े चेहरों के साथ अधिक से अधिक निष्ठावानों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, सोमवार को होने वाले चुनाव में केवल सदस्यों का चयन होगा, जिसके बाद सभापति पद के लिए अलग से चुनावी रोमांच देखने को मिलेगा।
अन्य दलों की भी बढ़ी धड़कनें
शिवसेना (शिदे गुट) में भी स्थिति बहुत सहज नहीं है। उपमहापौर चुनाव के दौरान जो गुटचाजी और नाराजगी उभरकर सामने आई थी, उसे देखते हुए नेतृत्व इस बार केवल निष्ठावानों को ही आगे बढ़ाने की सोच रहा है, वहीं, ठाकरे गुट और कांग्रेस अपने कोटे की 2-2 सीटों पर किसी अनुभवी चेहरे को उतारने की तैयारी में है। राष्ट्रवादी कसोस (अजित पवार गुट) को मिलने वाली एकमात्र सीट पर निर्दलीय पार्षद मुकेश शहाणे के नाम की चर्चा जोरों पर है।
दलीय समीकरण
संभावित गणित के अनुसार, 16 सदस्यीय समिति में भारतीय जनता पार्टी के 9 सदस्य होंगे शिवसेना (शिंदे गुट) के खाते में 4 सीटें जाने की उम्मीद है।
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शिवसेना (ठाकरे गुट) और कांग्रेस को मिलाकर 2 सीटें मिल सकती है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट के हिस्से में 1 सीट आने की संभावना जताई जा रही है।
