
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Mining Department: अकोला जिला खनन विभाग को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 130 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन पिछले नौ माह में केवल 53.80 करोड़ रुपये ही राजस्व प्राप्त हुआ है। ऐसे में शेष तीन माह में 76.20 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने की बड़ी चुनौती विभाग के सामने खड़ी हो गई है। राज्य का राजस्व और वन विभाग हर वर्ष जिला प्रशासन को गौण खनिजों पर रॉयल्टी वसूली का लक्ष्य देता और अन्य गौण खनिजों की खदानों की है।
इसे पूरा करने के लिए प्रशासन रेत घाटों नीलामी करता है। साथ ही अवैध उत्खनन की घटनाओं पर भी कार्रवाई की जाती है, जिससे दंड वसूली के माध्यम से राजस्व प्राप्त होता है। सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए खनन विभाग को 130 करोड़ रुपये राजस्व संकलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2023-24 में यह लक्ष्य 60.74 करोड़ रुपये था, जिसे 2024-25 में बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये किया गया। इस वर्ष इसे और बढ़ाकर 130 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि इस बार रेत घाटों के लिए तीन से चार बार टेंडर निकालने के बावजूद अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला, जिससे नीलामी प्रक्रिया अटक गई थी।अब जिले के 16 रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है।
यह भी पढ़ें:- अकोला मनपा चुनाव में पैनल सिस्टम बना सिरदर्द, डोर-टू-डोर से पहले अफरा-तफरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए घोषित 130 करोड़ रुपये राजस्व लक्ष्य के विरुद्ध दिसंबर अंत तक विभाग ने 53.80 करोड़ रुपये राजस्व सरकार को जमा किया है। अब मार्च तक शेष तीन माह में 76.20 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य पूरा करना होगा, जिसके लिए विभाग को विशेष प्रयास करने होंगे।






