

Nagpur Politics: राज्य के सभी चुनावों में पिछले डेढ़ दशक से भारतीय जनता पार्टी के साथ रहने वाले रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) को इस बार मनपा चुनाव में राज्यभर में एक भी सीट नहीं दी गई है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों के लिए सक्रिय रूप से प्रचार करने के बावजूद मनपा चुनाव में उपेक्षा किए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
प्रेस परिषद में पार्टी नेता बालू घरडे और राजन वाघमारे ने बताया कि भाजपा की इस भूमिका के विरोध में रिपाई (आठवले गुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ प्रचार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नागपुर मनपा चुनाव के लिए पार्टी ने भाजपा को तीन उम्मीदवारों की सूची सौंपी थी, लेकिन अंत तक केवल टालमटोल की जाती रही।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नामांकन के अंतिम दिन, जब चंद्रशेखर बावनकुले शहर में मौजूद नहीं थे, तब स्थानीय पर्यवेक्षकों ने उनसे मिलने के लिए कहा। नेताओं ने इसे पूरी तरह धोखाधड़ी करार देते हुए कहा कि प्रचार के दौरान नीला झंडा इस्तेमाल करना और वास्तविक रिपब्लिकन पार्टी को दरकिनार करना भाजपा के दोहरे रवैये को उजागर करता है।
वहीं, पार्टी नेता रामदास आठवले पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कार्यकर्ता जो भी निर्णय लेंगे, वह उन्हें स्वीकार होगा। इसे भाजपा के लिए एक राजनीतिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। नेताओं ने यह भी कहा कि यह घटनाक्रम महायुति में बढ़ते असंतोष का स्पष्ट संकेत है।