अकोला को मिलेगी 6वीं महिला मेयर, 38 पार्षदों वाली BJP का पलड़ा भारी, जानें सत्ता का पूरा समीकरण

Akola News: अकोला महानगरपालिका में महापौर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने से उसका महापौर बनना तय माना जा रहा है। अब निगाहें भाजपा की ओबीसी महिला पार्षद पर टिकी हैं।
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अकोला महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Akola Mayor Race: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के महापौर पद के लिए गुरुवार को मुंबई में आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इसमें अकोला नगर निगम का प्रथम नागरिक का पद 'ओबीसी महिला' के लिए आरक्षित किया गया है। इस घोषणा के बाद अकोला की राजनीति में समीकरणों का खेल शुरू हो गया है।

मुंबई स्थित मंत्रालय में नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल की उपस्थिति में निकाली गई आरक्षण लॉटरी ने अकोला के भविष्य की तस्वीर साफ कर दी है। अब अकोला शहर की कमान किसी ओबीसी महिला पार्षद के हाथों में होगी। नियमानुसार महापौर का कार्यकाल ढाई वर्ष का रहता है, ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी योग्य महिला उम्मीदवारों की तलाश और घेराबंदी तेज कर दी है।

अकोला महानगरपालिका भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। 80 में से 38 पार्षद भाजपा के निर्वाचित हुए हैं। यह भी कहा गया है कि भाजपा के पास करीब 44 पार्षदों का समर्थन हैं। जबकि बहुमत के लिए 41 पार्षदों की आवश्यकता है। ऐसे में भाजपा का महापौर बनाना लगभग तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार भाजपा के पास 13 तथा कांग्रेस के पास 3 ओबीसी महिला पार्षद हैं।

भाजपा के पास ओबीसी महिला पार्षद

भाजपा के पास शारदा खेड़कर, योगीता पावसाले, एडवोकेट कल्पना गोटफोड़े, प्राची काकड़, मंजूषा शेलके, नीतू जगताप, रश्मी अवचार, सोनाली अंधारे, वैशाली शेलके, निकिता देशमुख, शील्पा वरोकार आदि ओबीसी महिला पार्षद हैं। मनपा में फिलहाल भाजपा पार्षदों की संख्या देखते हुए ऐसा लगता है कि महापौर पद पर भाजपा की ओबीसी महिला पार्षद का चयन होगा। अब इस ओर सबका ध्यान लगा हुआ है कि, भाजपा महापौर पद के लिए किस ओबीसी महिला पार्षद का चयन करती है।

इसके पूर्व 5 बार महिलाएं महापौर पद पर रहीं

अकोला महानगरपालिका में 2002 से 2017 तक की कलावधि में कुल 8 महापौर में से 5 महिलाएं महापौर पद पर विराजमान रह चुकी हैं वहीं पुरुषों को सिर्फ तीन बार मौका मिला है। अब पुन: महापौर पद पर ओबीसी महिला पार्षद विराजमान होंगी।

शहर की प्रथम नागरिक यानि महापौर बनने का मौका किसी को सौभाग्य से ही मिलता है। नियमानुसार महापौर पद का कार्यकाल ढाई वर्ष का रहता है। शहर में पिछले वर्षों में सुमन गावंडे, अश्विनी हातवलणे, मदन भरगड़, सुरेश पाटिल, ज्योत्स्ना गवई, उज्वला देशमुख, विजय अग्रवाल तथा अर्चना मसने महापौर रह चुकी हैं।

पार्टीवार पार्षदों की संख्या

  • भाजपा- 38
  • कांग्रेस- 21
  • शिवसेना उबाठा- 6
  • वंचित बहुजन आघाडी (VBA)- 5
  • एनसीपी (शरदचंद्र पवार)- 3
  • AIMIM- 3
  • शिवसेना- 1
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी -1
  • महाविकास समिति- 1
  • निर्दलीय पार्षद- 1
  • कुल- 80
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