
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Operation Muskan Hindi News: अकोला स्थित बाल निरीक्षण गृह और बालगृह से 10 जनवरी से लापता दो नाबालिग बच्चों का पुलिस ने आखिरकार सफलतापूर्वक पता लगा लिया है। खदान पुलिस ने दोनों बच्चों को पुणे से सुरक्षित हिरासत में लिया। इस मामले की जांच पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चार विशेष पथकों द्वारा राज्यभर में की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 जनवरी को खदान पुलिस स्टेशन में मोतीराम तेलंग (27), निवासी नांदरुण, तहसील दयाँपुर, जिला अमरावती ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे संतोषी माता मंदिर के पीछे हनुमान अस्ती, अकोला स्थित बाल निरीक्षण गृह और बालगृह में सुरक्षा रक्षक के रूप में नियुक्त हैं।
यहां दाखिल दो विद्यार्थी तुषार वडणे (10) और सुशांत बांगर (11) सुबह सरस्वती विद्यालय, मलकापुर में पढ़ने गए थे, लेकिन स्कूल खत्म होने के बाद वापस नहीं लौटे, आसपास और शहर में खोजबीन करने पर भी वे नहीं मिले।
पुलिस की कार्रवाई: शिकायत दर्ज होने के बाद बच्चों के माता-पिता ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। पुलिस अधीक्षक ने दोनों बच्चों के नाबालिग होने के कारण ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत चार पथक गठित करने के आदेश दिए।
इनमें शहर विभाग के उपविभागीय पुलिस अधिकारी के अधीन एक पथक, स्थानीय अपराध शाखा का एक पथक और खदान पुलिस के दो पथक शामिल थे। चूंकि दोनों बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए खोज चुनौतीपूर्ण रही।
पुलिस ने पिछले 14 दिनों में अमरावती, अकोला, वाशिम, जलगांव, शेगांव, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे सहित सात जिलों में लगभग 1200 किमी की यात्रा की।
अनेकों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, हर जिले और तहसील के बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर नागरिकों को चच्चों की तस्वीरें दिखाकर पूछताछ की गई, उनके फोटो पूरे राज्य में प्रसारित किए गए। अंततः दोनों लापता नाबालिग बच्चे तुषार वडणे और सुशांत बांगर को पुणे से सुरक्षित हिरासत में लिया गया।
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यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल, परि. सहायक पुलिस अधीक्षक इशानी आनंद, खदान पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक मनोज केदारे के मार्गदर्शन में जांच दल के सहायक पुलिस निरीक्षक पुरुषोत्तम ठाकरे, पुलिस अमलदार संजय वानखडे, गिरीष विर, मंगेश खेडकर, संतोष गावंडे, भूषण मोरे, नीलेश खंडारे, अमित दुबे, अभिमन्यु सदाशिव, वैभव कस्तुरे, स्वप्निल वानखडे, रोहित पवार, संदीप काटकर, अमर पवार और मनोज दुबे ने की।






