अकोला शहर के कचरा संकलन में लापरवाही, महानगरपालिका ने ठेकेदार कंपनी को जारी किया नोटिस
Akola Municipal Corporation Notice: अकोला महानगरपालिका ने कचरा संकलन में लापरवाही पर अर्बन एनवायरो वेस्ट मैनेजमेंट को नोटिस जारी किया। 25 दिनों में अपेक्षा से आधा कचरा ही संकलित हुआ है।
- Written By: आंचल लोखंडे
अकोला शहर के कचरा संकलन में लापरवाही (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Akola Garbage Collection Issue: अकोला शहर में कचरा संकलन का ठेका नागपुर स्थित अर्बन एनवायरो वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। करार की शर्तों के अनुसार कंपनी को प्रतिदिन कम से कम 210 मीट्रिक टन कचरा संकलित करना अनिवार्य था।
लेकिन जांच में सामने आया है कि कंपनी प्रतिदिन औसतन सिर्फ 100 मीट्रिक टन कचरा ही उठा रही है। इस गंभीर लापरवाही के कारण शहर में अस्वच्छता और गंदगी फैलने लगी है। नागरिक घरों के बाहर कचरा डालने को मजबूर हैं, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है और जनस्वास्थ्य पर संकट मंडरा रहा है। इस परिस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अकोला महानगरपालिका प्रशासन ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
24 घंटे में स्पष्टीकरण अनिवार्य
नोटिस में निर्देश दिया गया है कि कंपनी 24 घंटे के भीतर कचरा संकलन में कमी को लेकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे। अन्यथा इसे करार का उल्लंघन माना जाएगा और जुर्माने की राशि भुगतान से काटी जाएगी, साथ ही आगे प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी। मनपा प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
Akola News: अकोला में चेक बाउंस मामले में फैसला, दंपती को 1-1 साल की सजा और 10.06 लाख का जुर्माना
Akola News: अकोला में महाराष्ट्र बंद का असर, बाजार बंद रहे; कुछ जगहों पर विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई
नागपुर मनपा स्कूलों में शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला: अब पवित्र पोर्टल से होगी तैनाती, पुराने शिक्षकों को राहत
नागपुर इतवारी में मनपा का बड़ा एक्शन! दलबल के साथ पहुंचा प्रवर्तन दस्ता, दुकानदारों में हड़कंप
25 दिनों में आधा ही कचरा संकलित
मनपा की जांच रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त आयुक्त सुमेध अलोणे ने इस गंभीर अनियमितता को संज्ञान में लेते हुए नोटिस जारी की।
ये भी पढ़े: 60% से अधिक क्षेत्र में रबी की बुआई पूरी, कुछ क्षेत्रों में सिंचाई के लिए मिलेगा पानी
जुर्माने का प्रावधान
करार की शर्तों के अनुसार, यदि प्रतिदिन 210 मीट्रिक टन से कम कचरा उठाया जाता है तो कमी के प्रत्येक मीट्रिक टन पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। पर्याप्त मात्रा में कचरा उपलब्ध होने के बावजूद कंपनी उसे प्रक्रिया केंद्र तक पहुंचाने में विफल रही है, जिसके चलते भारी जुर्माने की नौबत आ सकती है।
