खरीफ सीजन से पहले कृषि केंद्रों की अनिश्चितकालीन हड़ताल; विलास ताथोड ने जताया विरोध, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
Akola News: महाराष्ट्र राज्य के कृषि सेवा केंद्र संचालकों ने 27 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है। इस आंदोलन के कारण किसानों को खाद, कीटनाशक और बीज की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
विलास ताथोड (फोटो- सोशल मीडिया
Akola Crop Production News: महाराष्ट्र राज्य के कृषि सेवा केंद्र संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 27 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है। इस आंदोलन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव और चिंता का वातावरण बन गया है। खरीफ सीजन की तैयारी के बीच खाद, कीटनाशक और बीज उपलब्ध कराने वाले कृषि केंद्र बंद हो जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। समय पर खाद और बीज न मिलने से फसल की अंकुरण क्षमता और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
शेतकरी संगठन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य विलास ताथोड ने कहा कि आंदोलन से कृत्रिम किल्लत पैदा होगी, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। पहले से ही फसल का उचित भाव नहीं मिलने और समय पर कर्ज उपलब्ध न होने से किसान निजी साहूकारों पर निर्भर हो जाते हैं।
शासकीय सूत्रों के अनुसार, सरकार ने कृषि केंद्र संचालकों की मांगों पर पहले भी सकारात्मक रुख अपनाया है। लिंकिंग खाद के साथ अन्य उत्पादों की सक्ती रोकने के लिए कृषि विभाग ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। ऐसे में संवाद छोड़कर सीधे दुकानें बंद करना किसानों के हित के खिलाफ बताया जा रहा है।
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संभावित खतरे यदि आंदोलन लंबा चला तो ग्रामीण बजट प्रभावित होगा और किसानों को ऊंचे दामों पर सामग्री खरीदनी पड़ेगी। इससे काला बाज़ार बढ़ने का खतरा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आंदोलन के लिए खरीफ सीजन की ही संवेदनशील समयावधि क्यों चुनी गई।
किसानों की अपेक्षाकृषि सेवा केंद्र संचालक किसानों और व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लेकिन अपनी मांगों के लिए पूरे राज्य का खरीफ सीजन संकट में डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा रहा। किसान और शेतकरी संगठन ने अपील की है कि केंद्र संचालक मानवता और किसान हित को ध्यान में रखते हुए दुकानें खुली रखें।
