यवतमाल: MLA बालासाहेब मांगुलकर ने ली खरीफ सीजन पूर्व समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
Yavatmal Kharif Season: यवतमाल में विधायक मांगुलकर की नेतृत्व में खरीफ की समीक्षा बैठक हुई। नकली बीजों पर रोक और किसानों को समय पर खाद सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
- Written By: केतकी मोडक
विधायक बालासाहेब मांगुलकर खरीफ की समीक्षा बैठक में, सोर्स सोशल मीडिया
Yavatmal Pre Kharif Season Review Meeting: आगामी खरीफ सीजन 2026-27 के मद्देनजर यवतमाल के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित खरीफ सीजन प्री रीविव मीटिंग में कृषि तैयारियों का जायजा लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता यवतमाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक बालासाहेब मांगुलकर ने की। यह केंद्र डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला के अंतर्गत कार्यरत है, जहां विशेषज्ञों और अधिकारियों ने आने वाले सीजन की चुनौतियों पर विस्तृत मंथन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को बुवाई के समय बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।
नकली बीज और खाद की किल्लत पर प्रशासन सख्त
बैठक के दौरान विधायक बालासाहेब मांगुलकर ने प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान अक्सर नकली बीजों की शिकायतें आती हैं, जिससे किसानों की पूरी मेहनत और निवेश बर्बाद हो जाता है। इससे बचने के लिए कृषि विभाग को जमीनी स्तर पर अपनी निगरानी बढ़ानी होगी और संदिग्ध विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
इसके अलावा, खाद की कालाबाजारी और आर्टिफिशियल स्कार्सिटी पर भी चिंता व्यक्त की गई। विधायक बालासाहेब मांगुलकर ने स्पष्ट किया कि बाजार में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता खाद का अवैध भंडारण करता पाया गया या किसानों को खाद देने में आनाकानी की गई, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
विधायक मांगुलकर ने बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के खतरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से अपील की है कि वे केवल शोध तक सीमित न रहें, बल्कि समय-समय पर खेतों में जाकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दें। उन्नत खेती और मौसम के अनुकूल फसल चयन से न केवल उत्पादन की लागत घटेगी, बल्कि किसानों की शुद्ध आय में भी वृद्धि होगी।
बैठक में फसल बीमा योजना (Crop Insurance) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। सिंचाई व्यवस्था को ठोस करने और शासन की विभिन्न लाभकारी योजनाओं को हर पात्र किसान तक पहुचाने के लिए एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर तहसीलदार योगेश देशमुख, उपविभागीय कृषि अधिकारी जगन राठोड़, तहसील कृषि अधिकारी पूजा गवई, वरिष्ठ वैज्ञानिक कचरे, चव्हाण, और कृषि उपज मंडी समिति के सभापति रवींद्र ढोक सहित मनोज पाचघरे और अशोक भूतड़ा जैसे प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।
