Wardha: परसोडा में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज जन्मोत्सव की धूम, उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
Wardha Mahotsav: वर्धा के परसोडा में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पालकी यात्रा, कीर्तन और दिग्गज राजनेताओं की उपस्थिति में समाज सुधार व एकता के विचारों का प्रसार हुआ।
- Written By: केतकी मोडक
महाराज भोरे कीर्तन सोर्स सोशल मीडिया
Wardha Tukdoji Maharaj Janmahotsav: वर्धा जिले के आष्टी तहसील के परसोडा में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस समारोह में ग्राम विकास और समाज सुधार के प्रणेता राष्ट्रसंत को नमन करने के लिए हजारों की संख्या में भक्त उमड़े। कार्यक्रम की शुरुआत शाम को सामुदायिक प्रार्थना से हुई, जिसमें श्रेया पोहरकर ने प्रार्थना की शक्ति और जीवन में उसके महत्व पर प्रकाश डाला। रात्रि में विनायक महाराज कावले के मधुर कीर्तनों ने उपस्थित जनसमूह को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
पालकी यात्रा और कीर्तन के माध्यम से गूंजे राष्ट्रसंत के विचार
उत्सव की शुरुआत शाम को सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने एक स्वर में शांति और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर श्रेया पोहरकर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रार्थना की शक्ति और दैनिक जीवन में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह प्रार्थना मन को एकाग्र और शुद्ध करती है। रात के समय विनायक महाराज कावले के सुमधुर वाणी में राष्ट्रीय कीर्तन का आयोजन किया गया। उनके ओजस्वी विचारों और भजनों ने उपस्थित श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
दूसरे दिन राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज जन्मोत्सव की शुरुआत सुबह तड़के सामुदायिक ध्यान से हुई। कांचन गोरे ने ध्यान सत्र का नेतृत्व करते हुए मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागृति के लिए ध्यान का महत्व समझाया। इसके बाद, समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘परिक्रमा’ शुरू हुआ। सुबह 7:30 बजे तहसील के विभिन्न गांवों से आए दर्जनों भजन मंडलों और पालकियों ने गांव की परिक्रमा की। रंगीन ध्वजाओं की थाप पर नाचते भक्तों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
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सांसद और विधायकों ने सामाजिक एकता के सिद्धांतों को सराहा
इस भव्य आयोजन में सांसद अमर काले, विधायक सुमित वानखेड़े और दादाराव केचे सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। विधायक सुमित वानखेड़े ने समाज में भाईचारा और सेवा भाव बढ़ाने के लिए राष्ट्रसंत के सिद्धांतों को अनिवार्य बताया। वहीं, सांसद अमर काले ने धार्मिक केंद्रों पर शिक्षा के प्रसार हेतु वाचनालय और अध्ययन कक्ष खोलने का प्रस्ताव रखा। गुरुकुंज आश्रम के आजीवन प्रचारक बबन वाघ की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का समापन महाप्रसाद और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
