
अकोला न्यूज
Child Marriage Prevention: अकोला जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पिछले पांच वर्षों में किए गए प्रयास प्रशंसनीय रहे हैं। विभाग ने 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2025 तक प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कुल 34 बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त की है।
जनवरी से जून 2025 के बीच 2 बाल विवाह रोके गए हैं। इस अभियान की सफलता का श्रेय समाज के सक्रिय सहयोग, पुलिस विभाग, प्रशासन और बाल कल्याण समिति के समन्वय को जाता है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी गिरीश पुसदकर ने बताया कि नागरिकों से प्राप्त तत्काल जानकारी विभाग की कार्रवाई को गति देती है। उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
जिले में यह मुहिम केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बाल अधिकारों की रक्षा और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बन चुकी है। इस तरह के प्रयासों से नागरिकों में जागरूकता बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग बाल विवाह जैसी प्रथाओं के खिलाफ आगे आ रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों के सहयोग से यह अभियान और अधिक सशक्त बनता जा रहा है।
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14 से 20 नवंबर के बीच बाल दिवस सप्ताह के अवसर पर विभाग द्वारा बालकों के अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा को लेकर विभिन्न जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बाल विवाह रोकने की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का कार्य भी किया जा रहा है।
बाल विवाह की जानकारी तुरंत विभाग तक पहुंचाएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
| वर्ष | रोके गए बाल विवाह |
|---|---|
| 2020–2021 | 5 |
| 2021–2022 | 4 |
| 2022–2023 | 13 |
| 2023–2024 | 5 |
| 2024–2025 | 3 |
| कुल | 34 |






