गड़चिरोली में 17 रेत घाटों की नीलामी रद्द, कम बोली के चलते जिलाधिकारी का बड़ा फैसला

Gadchiroli Sand Mining Tender: गड़चिरोली में कम बोली और कम प्रतिसाद मिलने से 17 रेत घाटों की ई-नीलामी जिलाधिकारी ने रद्द कर दी है और राजस्व को बढ़ाने के लिए फिर से नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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Gadchiroli district administration (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Sand Ghat Auction Cancelled: गड़चिरोली जिलाधिकारी कार्यालय ने गड़चिरोली उपविभाग में रेत घाटों की ई-नीलामी प्रक्रिया को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। कम प्रतिसाद और नाममात्र बोली मिलने के कारण 17 रेत घाटों की नीलामी रद्द करने के आदेश 11 मार्च को जारी किए गए।

जानकारी के अनुसार, देसाईगंज और चामोर्शी उपविभाग में रेत घाटों के लिए व्यापक प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जबकि गड़चिरोली उपविभाग में अपेक्षाकृत कम बोली लगी। ऐसे में सरकार के राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से इन घाटों के लिए फिर से नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नीलामी रद्द करने का आदेश जारी

गड़चिरोली उपविभाग के 17 रेत घाटों में कुल 1 लाख 29 हजार 325 ब्रास रेत के लिए जिला प्रशासन ने 7 करोड़ 75 लाख 95 हजार रुपये की मूल कीमत तय की थी। नीलामी प्रक्रिया में 8 करोड़ 22 लाख 25 हजार 825 रुपये की सर्वोच्च बोली प्राप्त हुई थी। हालांकि, गड़चिरोली उपविभाग के लिए मे. आर.वी.एस. ग्रुप एलएलपी द्वारा दी गई इस सर्वोच्च बोली को जिलाधिकारी ने सरकारी निर्णय के प्रावधानों के तहत स्वीकार नहीं किया और नीलामी रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।

अन्य रेत घाटों को लेकर न्यायालय में जाने की तैयारी

सामाजिक कार्यकर्ता योगाजी कुडवे ने चामोर्शी, देसाईगंज और गड़चिरोली उपविभाग के रेत घाटों की नीलामी में बहुत कम दर मिलने के कारण सरकार को राजस्व नुकसान होने की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने मांग की थी कि नीलामी प्रक्रिया रद्द कर पुनः नीलामी कराई जाए।

जिलाधिकारी ने गड़चिरोली उपविभाग के रेत घाटों की नीलामी रद्द कर दोबारा नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, चामोर्शी और देसाईगंज उपविभाग के रेत घाटों में भी कम बोली लगने का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

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