Akshay Kardile BJP candidate (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar political News: अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिवंगत विधायक शिवाजीराव कर्डिले के निधन से रिक्त हुई इस सीट पर उनके सुपुत्र अक्षय कर्डिले को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपचुनाव को निर्विरोध कराने की अपील की थी, लेकिन शरद पवार की राकां के मैदान में उतरने के संकेतों से निर्विरोध की अपील पर पानी फिरता नजर आ रहा है। अब यह सीट एक कड़े मुकाबले की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
शिवाजीराव कर्डिले का पिछले वर्ष 17 अक्टूबर को लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद से ही उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। अब बीजेपी ने अक्षय पर भरोसा जताकर इस सीट को वापस अपने कब्जे में लेने की रणनीति बनाई है।
सीएम देवेंद्र ने दिवंगत शिवाजीराव के योगदान और उनके सम्मान में विपक्षी दलों से इस चुनाव को निर्विरोध संपन्न कराने का आग्रह किया था। परंपरा रही है कि किसी साथी नेता के निधन के बाद उनके परिवार के सदस्य के सामने अन्य दल उम्मीदवार नहीं उतारते। लेकिन, राहुरी में यह समीकरण बिगड़ता नजर आ रहा है।
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सूत्रों का दावा है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राकां ने यहां से अपने पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे को विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी का उम्मीदवार बनाने निर्णय ले लिया है।
2019 के विधानसभा चुनाव में तनपुरे ने शिवाजीराव कर्डिले को पराजित किया था, जिससे यह मुकाबला अब और भी व्यक्तिगत और रोचक हो गया है। एक तरफ जहां बीजेपी इसे दिवंगत कार्डिले के प्रति सम्मान और सहानुभूति की लड़ाई बना रही है, वहीं शरद पवार की राकांपा ‘जनआशीर्वाद यात्रा’ के जरिए अपनी ताकत दिखा रही है। मुख्यमंत्री की अपील के बावजूद विपक्ष के कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुरी में अब कांटे की टक्कर होगी।