मीरा-भाईंदर ट्रैफिक पुलिस पर वसूली के आरोप, महिला कर्मचारी की शिकायत से मचा हड़कंप

Mumbai Traffic Police: काशीमीरा ट्रैफिक विभाग में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने वरिष्ठ अधिकारियों पर मासिक वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के बाद वरिष्ठ निरीक्षक सागर इंगोले पर मामला दर्ज हुआ।
A woman traffic constable in Mira-Bhayandar has exposed a monthly extortion racket. Following her complaint, an FIR was filed against senior inspector Sagar Ingole.
काशीमीरा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra police news: मीरा भाईंदर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाली पुलिस अब खुद सवालों के घेरे में है। काशीमीरा ट्रैफिक विभाग में तैनात एक महिला पुलिस कर्मचारी की शिकायत ने पूरे महकमे में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारी हर महीने 'किश्त' के रूप में पैसे की मांग कर रहे थे और यह कोई नया खेल नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही कथित प्रथा का हिस्सा है।

महिला कर्मचारी ने खोला राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब मीरारोड पर तैनात एक महिला ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि काशीमीरा ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सागर इंगोले और उनके सहायक निरीक्षक द्वारा हर महीने एक तय रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। महिला कर्मचारी ने न केवल शिकायत की, बल्कि पैसे मांगने से जुड़े सबूत भी पेश किए, जिससे मामला और गंभीर हो गया। शिकायत के बाद पुलिस आयुक्त कार्यालय हरकत में आया और मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त दयानंद सावंत को सौंपी गई। जांच के दौरान सामने आया कि वरिष्ठ निरीक्षक इंगोले द्वारा वसूली की मांग की गई थी। इसके आधार पर सावंत ने अपनी रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद काशीमीरा पुलिस स्टेशन में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुरानी प्रथा का दावा, इनकार करने पर विवाद

महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया कि यह वसूली कोई नई बात नहीं है। कई अन्य पुलिसकर्मी भी हर महीने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्धारित रकम देते हैं। हालांकि, विवाद तब बढ़ा जब उन्होंने इस 'मासिक भुगतान' से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर दबाव और बढ़ गया, जिससे उन्होंने शिकायत करने का फैसला लिया।

ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस पूरे मामले ने मीरा भाईंदर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचेगी। फिलहाल इतना तय है कि एक महिला अधिकारी की हिम्मत ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

100 से अधिक ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती

मीरा- भाईंदर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए काशीमीरा ट्रैफिक शाखा की स्थापना की गई है। यहां 100 से अधिक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई कर सरकारी राजस्व बढ़ाते हैं। इनके सहयोग के लिए ट्रैफिक वार्डन की भी नियुक्ति की गई है, लेकिन अब इसी सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। क्या चालकों से वसूले जाने वाले जुर्माने का पूरा पैसा सरकार तक पहुंचता है? या फिर कुछ हिस्सा 'सिस्टम' में ही बंट जाता है।

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