Ahilyanagar News: फसल क्षति का पंचनामा बनाकर मुआवजा दें; सांसद नीलेश लंका का जिला कलेक्टर को पत्र
Crop Damage: सांसद नीलेश लंका ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अहिल्यानगर जिले का पंचनामा बनाकर किसानों को बारिश के कारण हुए भारी नुकसान का तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
फसल क्षति का पंचनामा बनाकर मुआवजा दें (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: अहिल्यानगर जिले में बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस पृष्ठभूमि में, सांसद नीलेश लंके ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर पंचनामा बनाकर किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। सांसद लंके ने पत्र में कहा है कि बारिश के कारण अरहर, कपास, सोयाबीन, मक्का, मटर और अन्य खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई हैं। कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात के कारण फसलें बौनी हो गई हैं, वहीं अचानक हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
सांसद लंका ने जिला कलेक्टर के ध्यान में लाया कि शेवगांव तालुका के खामगांव, हिंगणगांव, गुम्फा, जोहरापुर, भटकुडगांव के साथ-साथ राहुरी, नागर, पारनेर, श्रीगोंडा, कर्जत, जामखेड और पाथर्डी तालुका के कई गांवों के किसानों ने नुकसान की शिकायतें की हैं।
नुकसान का आकलन न होने पर रोष व्यक्त
किसानों ने भारी खर्च करके खाद और कीटनाशक डालकर फसल उगाई थी। लेकिन भारी बारिश के कारण कपास पीला पड़ गया, सोयाबीन के फूल झड़ गए, जबकि अरहर और मटर पूरी तरह से नष्ट हो गए। इससे किसान निराश हैं और नुकसान का आकलन न होने पर रोष व्यक्त कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
36 हजार करोड़ की कर्जमाफी से सरकार ने निभाया वादा, अमरावती में बोले चंद्रशेखर बावनकुले
महाराष्ट्र बनेगा देश का पहला रेल फाटक मुक्त राज्य, CM फडणवीस ने MahaRail की बैठक में 65 प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
राहुरी-शनि शिंगणापुर रेलवे प्रोजेक्ट का किसानों ने किया विरोध, उपजाऊ भूमि अधिग्रहण पर बढ़ा विवाद
मुंबई के ऐतिहासिक जिमखानों पर सरकारी शिकंजा! लीज रिन्यूअल के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तैयार की सख्त शर्तें
ये भी पढे़: दिसंबर तक पूरा हो जल जीवन, फारोला में 26 एमएलडी क्षमता के जलशुद्धिकरण केंद्र का सीएम ने किया पूजन
तत्काल पंचनामा करें
राजस्व और कृषि विभाग को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पंचनामा करना चाहिए और किसानों को शासन स्तर से तत्काल मुआवजा मिलना चाहिए। सांसद लंका ने पत्र में लिखा है कि किसानों के मुंह का चारा छिन गया है, इसलिए तत्काल राहत मिलना ज़रूरी है।
